आज भी बारिश का येलो अलर्ट, मौसम विभाग ने जताई गरज-चमक के साथ वर्षा की चेतावनी
बिलासपुर। गुरुवार को जिले के सरकंडा, मोपका, सीपत और मस्तूरी क्षेत्रों में दोपहर के समय खंड वर्षा दर्ज की गई, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में बादलों की घनी मौजूदगी रही। हालांकि, बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है और भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, राजधानी रायपुर में आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून की औपचारिक दस्तक की उम्मीद जताई जा रही है।
तापमान में गिरावट, फिर भी नहीं मिली उमस से राहत
गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। एक दिन पहले तापमान 36.6 डिग्री था, जो औसत से 6.6 डिग्री कम था। रात में 9 मिमी और शाम को 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, लेकिन इन बौछारों के बावजूद उमस में कोई खास कमी नहीं आई।
आसमान में बादल, लेकिन राहत अधूरी
गुरुवार सुबह हल्की ठंडक के साथ मौसम सुहावना रहा, लेकिन 10 बजे के बाद तेज धूप ने दस्तक दी, जिससे दिनभर उमस बनी रही। दोपहर बाद सरकंडा, मोपका, सीपत और मस्तूरी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिससे शाम को भी बादल छाए रहे। हालांकि, लोगों को चिपचिपी गर्मी से कोई ठोस राहत नहीं मिली।
मौसम तंत्र सक्रिय, भारी बारिश के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक अवदाब बन गया है, जो बांग्लादेश की ओर लगभग 20 किमी प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है। इसके गहरे अवदाब में तब्दील होने की संभावना है और यह 29 मई को सागर द्वीप व खेपूपारा के बीच भूमि को पार कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, एक पश्चिमी विक्षोभ 75° पूर्व और 32° उत्तर में सक्रिय है, जबकि दूसरा विक्षोभ अफगानिस्तान क्षेत्र में स्थित है। साथ ही एक द्रोणिका दक्षिण-पूर्व राजस्थान से होते हुए उत्तर-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है, जिसकी ऊंचाई 0.9 किमी तक मापी गई है।
इन सभी तंत्रों के प्रभाव से शुक्रवार को बिलासपुर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है।







