नई दिल्ली । देशभर के अडानी सीमेंट यूनिटों में कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर उपजे विवाद ने अब केंद्रीय स्तर पर गंभीरता पकड़ ली है। कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और मांगों की लगातार अनदेखी को लेकर भारतीय राष्ट्रीय सीमेंट श्रमिक महासंघ (इंटक) ने अडानी सीमेंट प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल की चेतावनी दी थी। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय, नई दिल्ली में एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) श्री के. शेखर ने की, वहीं सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) श्री कुमार अमृतेश और भारतीय सीमेंट कर्मचारी महासंघ के महासचिव श्री देवराज सिंह के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में ACC और अंबुजा सीमेंट के कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक की खास बात यह रही कि इसमें देशभर के अडानी सीमेंट प्लांटों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से :
गग्गल (हिमाचल प्रदेश)
चांदा एवं मराठा (महाराष्ट्र)
जामुल (छत्तीसगढ़)
बरगढ़ (ओडिशा)
लाखेरी (राजस्थान)
इन सभी प्लांटों के कर्मचारी यूनियन अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने अपनी बात खुलकर रखी।
बैठक के बाद केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि अडानी समूह अपने किसी भी कर्मचारी को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न नहीं पहुंचाएगा। साथ ही, सभी लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
इस संबंध में अगली त्रिपक्षीय बैठक 24 जून 2025 को फिर से बुलाई गई है, जिसमें अब तक उठाए गए मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
यूनियन प्रतिनिधि श्री भूपेश ने जानकारी दी कि यह एक सकारात्मक पहल है, जिससे देशभर के सीमेंट कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जगी है।








