बिलासपुर, 9 जुलाई।
कभी सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग माने जाने वाला मोपका-सेंदरी बायपास अब लोगों के लिए खतरे का रास्ता बन चुका है। करीब 35.88 करोड़ की लागत से साल 2016 में बनी यह सड़क अब पूरी तरह से उखड़ चुकी है। जगह-जगह एक से डेढ़ फीट गहरे गड्ढे, ट्रकों के फंसे पहिए और रोजाना लगने वाला लंबा जाम इस रास्ते की बदहाली बयां कर रहे हैं।
8 जुलाई को जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो मोपका से रतनपुर हाईवे तक 14 किमी के इस मार्ग पर 2 हजार से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे मिले। इनमें से करीब 100 गड्ढे इतने खतरनाक हैं कि हादसे में किसी की जान तक जा सकती है। रतनपुर की ओर से आने वाले ट्रकों के पहिए गड्ढों में फंसे हुए दिखे, जिससे करीब 42 ट्रकों की कतार और कई घंटों का जाम लग गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस बायपास पर बाइक और कार चलाना भी जोखिम भरा हो गया है। मजबूरी में उन्हें शहर के अंदर से होकर सफर करना पड़ रहा है। बायपास पर अब सिर्फ भारी वाहन ही चल रहे हैं, वो भी मुश्किल से।
सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी
विभागीय सूत्रों के मुताबिक निर्माण के दौरान मुरुम की जगह पास के खेतों की काली मिट्टी भर दी गई, जो तय मानकों से कम गुणवत्ता (8 CBR से कम) की थी। नतीजतन डामर उखड़ गया और सड़क दलदली हो गई। अब यदि सड़क दोबारा बनानी है, तो एक मीटर तक खुदाई कर नए सिरे से निर्माण करना पड़ेगा।
मरम्मत पर भी फूंक चुके 5 करोड़
इस बायपास की मरम्मत पर अब तक 5 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी हालत जस की तस बनी हुई है।
गुणवत्ता में लापरवाही के जिम्मेदार
उमेश नायक: निर्माण के समय एसडीओ थे, अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
आरके खांबरा: तत्कालीन कार्यपालन अभियंता, वर्तमान में सेतु विभाग में पदस्थ हैं।
अनिल अग्रवाल: ठेका कंपनी का मालिक, रायगढ़ में दफ्तर है।
बताया गया कि ठेकेदार अनिल अग्रवाल को टेंडर मिला था और निर्माण कार्य के दौरान जीएसबी, बीटी लेयर, डामर की गुणवत्ता और मिट्टी भराई में भारी अनियमितता बरती गई।
फाइल मंत्रालय में लंबित, मंजूरी का इंतजार
PWD विभाग के ईई सीएस विंध्यराज ने बताया कि सड़क के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा गया है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
जनता की मांग
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस रास्ते को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि आए दिन हो रहे हादसों और जाम से राहत मिल सके। साथ ही दोषियों पर भी सख्त कार्रवाई हो।








