करतला जनपद पंचायत में रिश्वतखोरी का खुला आरोप, DMF फंड में पारदर्शिता पर फिर सवाल
जनपद उपाध्यक्ष बोले – 35 सरपंचों ने सौंपी शिकायत, भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
कोरबा/करतला |
जिला खनिज न्यास मद (DMF) में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। कोरबा जिले के करतला जनपद पंचायत क्षेत्र से सामने आई एक नई शिकायत ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
यह मामला तब सामने आया है जब पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि DMF फंड से स्वीकृत विकास कार्यों की राशि जारी करने के एवज में उनसे 5% कमीशन की खुली मांग की जा रही है।
“ऊपर” से आदेश का हवाला देकर मांगी जा रही रिश्वत
जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैभव कौशिक पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि वे पंचायत सचिवों और सरपंचों से कह रहे हैं –
“पहले 5 प्रतिशत रकम दो, तभी विकास कार्य की राशि का पहला चेक मिलेगा।”
यह कथित आदेश “ऊपर” से आया है, ऐसा बताया गया है।
इस खुलासे के बाद पंचायत प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है।
35 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सौंपा लिखित ज्ञापन
जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा के नेतृत्व में 35 पंचायतों के सरपंचों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली आवाज उठाई है।
उन्होंने जनपद अध्यक्ष और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि—
“बिना किसी दबाव के, योजनाओं की स्वीकृत राशि सरपंचों को तत्काल मिले। 5% और 10% मिलाकर 15% की उगाही से न केवल भ्रष्टाचार बढ़ेगा, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।”
जनपद उपाध्यक्ष ने दी चेतावनी – मामला उच्च स्तर तक जाएगा
मनोज झा ने कहा,
“हमारा विरोध स्पष्ट है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो इस मामले को राज्य सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय तक ले जाएंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की पारदर्शी छवि को ऐसे अफसर बदनाम कर रहे हैं।
C.E.O ने आरोपों को नकारा
जनपद पंचायत के सीईओ वैभव कौशिक ने सभी आरोपों को “बेबुनियाद और तथ्यहीन” बताया है।
हालांकि, पंचायत प्रतिनिधियों के तेवर और दस्तावेज़ी शिकायत को देखते हुए यह प्रकरण तूल पकड़ता दिख रहा है।









