तिल्दा नेवरा नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों का तूफान

Spread the love

 

 

अध्यक्ष पति पर अवैध निर्माण, आवास योजना में वसूली और राजनीतिक संरक्षण के गंभीर आरोप, शहर में बढ़ा आक्रोश

तिल्दा नेवरा। तिल्दा नेवरा नगर पालिका एक बार फिर गंभीर विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में है। नगर पालिका अध्यक्ष के पति पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण संरक्षण, गरीबों की योजनाओं में कथित वसूली, दबाव की राजनीति और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और आम नागरिकों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कांग्रेस भवन के पीछे, गार्डन के पीछे तथा सांस्कृतिक भवन के पीछे कथित रूप से अवैध मकान निर्माण कराया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इन निर्माण कार्यों पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों के छोटे निर्माण कार्यों पर तुरंत नोटिस, दबाव और कार्रवाई की बात सामने आ रही है।

हाई स्कूल- कॉलेज मार्ग में हुई थी जेसीबी कार्रवाई

शहरवासियों का कहना है कि हाल ही में हाई स्कूल से कॉलेज मार्ग में तीन दुकानों का निर्माण किया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने अवैध मानते हुए तहसीलदार की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया था। उस कार्रवाई के बाद भी नगर पालिका अध्यक्ष पति का नाम लगातार विवादों में बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि रसूखदार लोगों के मामलों में नियम अलग और आम जनता के लिए अलग व्यवस्था दिखाई दे रही है।

आवास योजना में ₹30 हजार वसूली के आरोप

मामला तब और गंभीर हो गया जब नगर पालिका अध्यक्ष पति पर शासन की आवास योजना में कथित रूप से ₹30 हजार तक की वसूली करने के आरोप लगने लगे। शहर में चर्चा है कि गरीब हितग्राहियों से आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रकम मांगी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकार की गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं में भी भ्रष्टाचार हावी हो चुका है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि “रेट फिक्स” कर आवास योजना में लाभ दिलाने की बात कही जाती है। हालांकि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।

“मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद मेरे जेब में” जैसी चर्चाओं से गरमाई राजनीति

शहर में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि नगर पालिका अध्यक्ष पति खुलेआम अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देते हुए कहते हैं कि “मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक तक मेरे जेब में रहते हैं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जिसे जो करना है कर ले।” इन कथित बयानों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार की बातें सार्वजनिक रूप से कही जा रही हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के प्रति चुनौती मानी जा रही है। वहीं विरोधियों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ही लगातार विवादों और आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।

शहर हटाओ अभियान पर भी उठे सवाल

नगर पालिका द्वारा चलाए गए “शहर हटाओ अभियान” को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि छोटे व्यापारियों और गरीबों पर कार्रवाई की गई, लेकिन शहर के बीच नाली के ऊपर बने कथित अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया। इससे नगर पालिका पर पक्षपात और संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं।

शराब भट्टी के पास अवैध दुकानों की चर्चा

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नेवरा शराब भट्टी के पास कुछ दुकानों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पार्षदों को “मलाई-मिठाई” देने की चर्चा

नगर पालिका की राजनीति में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कुछ पार्षदों को अपने पक्ष में रखने के लिए विशेष सुविधाएं और “मलाई-मिठाई” दी जा रही है। सुबह से नगर पालिका कार्यालय में कुछ पार्षदों की लगातार मौजूदगी को लेकर भी शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। विरोधियों का आरोप है कि पूरे नगर पालिका तंत्र को प्रभाव में लेकर काम कराया जा रहा है।

पुराने विवाद भी फिर आए चर्चा में

पूर्व में एक बच्चे के हाथ खराब होने के मामले में भी नगर पालिका अध्यक्ष पति का नाम चर्चाओं में आया था। स्थानीय लोगों का कहना है that उस मामले में भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोग उन्हें “झोलाछाप डॉक्टर” तक कह रहे हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

आखिर किसका संरक्षण?

अब शहर में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका अध्यक्ष पति को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक अधिकारियों पर प्रभाव बनाया गया है? इन सवालों को लेकर शहर में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

जांच की मांग तेज

शहरवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण, आवास योजना में कथित वसूली, अतिक्रमण संरक्षण और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शासन की योजनाओं और प्रशासन पर जनता का भरोसा कायम रह सके।

 

  • Related Posts

    मैनपाट के जंगल में भालू का हमला: खुखड़ी बीनने गई महिला गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर

    Spread the love

    Spread the love    सरगुजा/मैनपाट। विशेष रिपोर्ट।       सरगुजा/मैनपाट। 4 अगस्त 2026 आज जिले के मैनपाट क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। सरभंजा ग्राम के डुमरगोड़ा…

    करोड़ों रुपए के गबन के मामले में हाईकोर्ट ने दिया चालान पेश करने का आदेश

    Spread the love

    Spread the love    सरगुजा/अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट        चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड अंबिकापुर एवं ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के विरुद्ध कोतवालीअंबिकापुर में दर्ज है…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!