जम्मू-कश्मीर । जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया है। रियासी जिले के मैहर क्षेत्र के बद्दर गांव में भूस्खलन की चपेट में आकर सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति की तलाश जारी है।
रियासी में भूस्खलन, सात की मौत
स्थानीय विधायक खुर्शीद अहमद ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “यह बहुत दुखद है; हमने पहले कभी इतनी भारी बारिश और तूफान नहीं देखा। कल रात हुई भारी बारिश और बादल फटने से मलबा घरों पर गिर पड़ा, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और सभी शव बरामद कर लिए गए।”
जानकारी के अनुसार, बद्दर गांव में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण एक मकान पूरी तरह ढह गया। इस मकान के मालिक नजीर अहमद, उनकी पत्नी और पांच नाबालिग बेटे लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि वे सभी मलबे में दब गए और उनकी मौत हो चुकी है। फिलहाल राहत व बचाव कार्य जारी है।
राजगढ़ (रामबन) में बादल फटा, चार की मौत
इसी बीच, रामबन जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर राजगढ़ क्षेत्र में शनिवार सुबह बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। बचावकर्मियों को अब तक दो महिलाओं समेत तीन लोगों के शव मिल चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “अभी-अभी DC रामबन मोहम्मद अलयास खान से बात की। राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। पांचवा व्यक्ति लापता है और उसकी तलाश जारी है। राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है। केंद्र सरकार हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है और मैं लगातार संपर्क में हूं।”
गांवों में मातम, राहत कार्य जारी
रियासी और रामबन दोनों जगहों पर स्थानीय लोग, SDRF और प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश और भूस्खलन का यह मंजर दशकों में पहली बार देखा गया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांवों में मातम पसरा हुआ है।









