बिलासपुर/स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। ओडिशा से संचालित इस संगठित गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने तीन चर्चित चेन स्नेचिंग मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्कूटी भी बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

बिलासपुर। महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर दहशत फैलाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नेचिंग गिरोह पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकंजा कस दिया है। लगातार हो रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर ओडिशा से संचालित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, शहर में बढ़ती चेन स्नेचिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनका पीछा किया। लंबी निगरानी और सटीक रणनीति के बाद पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी बिना नंबर की स्कूटी का उपयोग करते थे और सुबह के समय सुनसान रास्तों पर अकेले जा रही महिलाओं की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वे गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त कर ली है।
गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा के पांच सदस्य और बिलासपुर का एक स्थानीय सहयोगी शामिल है, जो गिरोह को स्थानीय स्तर पर मदद उपलब्ध कराता था। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है और अन्य राज्यों में उनकी संलिप्तता की जानकारी जुटाई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध लूट, आपराधिक षड्यंत्र एवं संगठित अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिलासपुर पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से न केवल तीन बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है, बल्कि शहर में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराधियों के नेटवर्क को भी करारा झटका लगा है। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है।






