रायगढ़ में सोशल मीडिया पर गरमाई सियासत भाजपा ट्रोल आर्मी के निशाने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल

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रायगढ़। रायगढ़ की राजनीति इन दिनों सोशल मीडिया पर ज्यादा गर्माई हुई है। दोनों प्रमुख दलों की बात करें तो भाजपा की ट्रोल आर्मी कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है। इस बार भाजपा के निशाने पर खरसिया विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल आ गए हैं।

वोट अधिकार यात्रा बनी चर्चा का केंद्र

15 सितंबर को रायगढ़ जिले से कांग्रेस ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ नारे के साथ वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की। किसी को अंदाजा नहीं था कि हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन सड़क पर उतर आएंगे। यह रैली जिले के इतिहास की सबसे बड़ी रैली मानी जा रही है।

कांग्रेस की इस शक्ति-प्रदर्शन ने भाजपा खेमे पर दबाव बना दिया। लगातार तीन दिन तक भाजपा की मीडिया और ट्रोल आर्मी इस रैली में कोई बड़ी खामी नहीं खोज पाई। लेकिन चौथे दिन, यानी 18 सितंबर को सुबह, एक तस्वीर उनके हाथ लगी और उसी को मुद्दा बनाकर राजनीतिक पैंतरा खेला गया।

अशोक चक्र को लेकर शुरू हुआ विवाद

सोशल मीडिया में वायरल हुई तस्वीर में खरसिया विधायक उमेश पटेल एक गाड़ी के बोनट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उस गाड़ी पर कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा का पोस्टर चिपका हुआ था, जिसमें एक सिंबल (चिह्न) भी बना था। उमेश पटेल पैर मोड़कर बैठे थे, जिससे उनका पैर उस सिंबल के ऊपर नजर आ रहा था।

भाजपा की ट्रोल आर्मी ने इस सिंबल को अशोक चक्र बताया और इसे राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करार दिया। इतना ही नहीं, भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने इसे देशद्रोह बताते हुए उमेश पटेल के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत भी दर्ज कराई।

कांग्रेस ने किया पलटवार

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई तक की बात कही। उनका कहना है कि भाजपा की ट्रोल आर्मी कांग्रेस की ऐतिहासिक रैली की सफलता पचा नहीं पा रही है, इसलिए सोशल मीडिया में भ्रम फैलाकर कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।

सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस की डिजिटल आर्मी ने जवाबी मोर्चा खोल दिया। उनका तर्क है कि रैली में इस्तेमाल हुआ सिंबल अशोक चक्र नहीं बल्कि अलग डिज़ाइन है।

पुलिस की भूमिका पर नजरें

भाजपा की शिकायत के बाद अब सबकी निगाहें रायगढ़ पुलिस पर टिकी हैं। यदि पुलिस इस सिंबल को अशोक चक्र मान लेती है तो कांग्रेस के झंडे तक पर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि उसमें भी राष्ट्रीय ध्वज से मिलती-जुलती आकृतियां मौजूद हैं।

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