रायपुर। राजधानी पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामलों में फरार चल रहे मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ रूबी तोमर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक बेहद सुनियोजित और रणनीतिक ऑपरेशन चलाते हुए उसे विंडसर हिल्स टाउनशिप के आलीशान फ्लैट से गिरफ्तार किया, जहाँ वह पिछले कई महीनों से नौकरों के बीच खुद को छिपाकर रह रहा था।
162 दिनों से फरार चल रहे इस कुख्यात अपराधी की तलाश में रायपुर पुलिस की टीमें राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्यप्रदेश तक लगातार दबिश दे रही थीं, पर हर बार वह पुलिस की पकड़ से बच निकलता था।
बिजली कटवाकर बनी गिरफ्तारी की ‘कुंजी’
रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह के निर्देशन में क्राइम ब्रांच की दो टीमें ग्वालियर और दिल्ली रवाना की गई थीं। ग्वालियर में पुलिस ने सिरोल थाना क्षेत्र की पॉश विंडसर हिल्स टाउनशिप में फ्लैट की कई दिनों तक गुप्त निगरानी की।
कई दिनों तक तोमर घर से बाहर नहीं निकला, यहां तक कि बालकनी तक नहीं आया। पुलिस को शक तो था, पर पुख्ता सबूत नहीं मिल पा रहे थे। इसी बीच एक चतुर रणनीति के तहत फ्लैट की बिजली काट दी गई। जैसे ही तोमर बिजली गुल होने पर बालकनी में स्थिति देखने आया, टीम ने उसे पहचान लिया। तत्पश्चात, बिजली विभाग के कर्मचारियों का बहाना बनाकर पुलिस फ्लैट में दाखिल हुई और वीरेंद्र तोमर को धर दबोचा।
पत्नी ने रायपुर में मचाया हंगामा
रविवार को जब पुलिस वीरेंद्र तोमर को रायपुर लेकर पहुंची, तो जुलूस के दौरान उसकी पत्नी शुभ्रा सिंह तोमर ने जमकर हंगामा किया। गुस्से में उसने कहा — “सब मिलकर मेरे पति को मार डालो।”
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद भी शुभ्रा सिंह पुलिस पर गंभीर आरोप लगाती रही।
कई थानों में दर्ज हैं मामले
वीरेंद्र और उसका भाई रोहित तोमर, दोनों रायपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे। इन दोनों के खिलाफ तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें सूदखोरी, रंगदारी, मारपीट, धमकी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
तकनीकी और खुफिया जाल से हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तोमर बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था और परिवार से सीधे संपर्क भी नहीं रख रहा था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न की जा सके। मगर टेक्निकल एनालिसिस और मुखबिर से मिली गुप्त सूचना ने खेल पलट दिया।
गिरफ्तारी के बाद कहा — “मैं खुद सरेंडर करने वाला था”
गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में वीरेंद्र तोमर ने पुलिस को बताया कि वह जल्द ही खुद सरेंडर करने की योजना बना रहा था। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर टीम देर करती, तो वह फिर किसी और जगह गायब हो सकता था।
रायपुर पुलिस अब आरोपी से जुड़े आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजधानी की सबसे बड़ी ऑपरेशनल सफलता में से एक मानी जा रही है।








