सलखिया: आर्य विद्या सभा सलखिया के अध्यक्ष जोगीराम भोय पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई कर अवैध निर्माण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
अवैध निर्माण और अनियमितताओं के गंभीर आरोप
शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण: खसरा नंबर 252/1 रकबा 2.9450 हेक्टेयर (लगभग 7.5 एकड़) शासकीय भूमि पर बिना अनुमति गौशाला, वृद्धाश्रम, छात्रावास, विद्यालय भवन और चारागोदाम का अवैध निर्माण किया गया है।

भूमि हेरफेर और वित्तीय अनियमितता: गौ सेवा आयोग को 0.405 हेक्टेयर भूमि दर्शाकर शासन से अनुदान प्राप्त किया गया, जबकि वास्तविक निर्माण अन्यत्र शासकीय भूमि पर किया गया है। गौशाला में कम गायों को रखकर अधिक संख्या दिखाकर लाखों रुपये का गबन किया गया है।
वृद्धाश्रम में अनियमितता: समाज कल्याण विभाग से 40 वृद्धों के लिए अनुदान लिया गया, जबकि वहां 10 वृद्ध भी निवास नहीं करते।
छात्रावास शुल्क वसूली: 100 सीट के छात्रावास के लिए अनुदान प्राप्त होने के बावजूद बच्चों से 5-6 हजार रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता है।
अन्य अनियमितताएं: जोगीराम भोय पर कई भूखंडों पर अवैध कब्जा, धोखाधड़ी से जमीन रजिस्ट्री, अनाथ बच्चों के नाम पर दानदाताओं से राशि वसूलने और समाज सेवा की आड़ में अनैतिक कार्य करने के आरोप लगे हैं।
विवादास्पद नियुक्ति: आर्य समाज से आजीवन निष्कासित दिलीप कुमार सोनी को प्रधान पाठक के रूप में नियुक्त किया गया है।
पारिवारिक वर्चस्व: संस्था में परिवारवाद को बढ़ावा देने और अन्य पदाधिकारियों को निर्णयों से दूर रखने के आरोप भी शामिल हैं।
समाज और शासन को धोखा देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जोगीराम भोय ने समाज सेवा की आड़ में शासकीय और निजी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर वित्तीय लाभ कमाया है। कई मामलों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण और शासकीय अनुदानों का दुरुपयोग शामिल है।
जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने जोगीराम भोय के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।








