अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट।
अंबिकापुर। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि और तबाही ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। सैकड़ों लोगों की मौत और बड़े पैमाने पर हुई तबाही से व्यथित अंबिकापुर शहर के समाजसेवियों ने नेपाल के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।
घड़ी चौक पर जलाई मोमबत्तियां, दो मिनट का रखा मौन
अंबिकापुर के घड़ी चौक में नवा बिहान नशामुक्ति अभियान की टीम सहित विभिन्न समाजसेवी संगठनों के सदस्यों ने एकत्र होकर नेपाल में बाढ़ की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्तियां जलाईं। इस दौरान सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आपदा में प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस भयावह घड़ी में भारत और नेपाल के बीच मानवीय संवेदना एवं भाईचारे का रिश्ता और मजबूत होना चाहिए। नेपाल में हुई जनहानि ने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है।
समाजसेवियों ने एकजुट होकर व्यक्त की संवेदना
कार्यक्रम में नवा बिहान टीम के संयोजक मंगल पांडे, आर्ट ऑफ लिविंग के समन्वयक अजय तिवारी, समाजसेवी वंदना दत्ता, अनिल मिश्रा, हिना खान, संतोष दास, अमृत प्रधान, संतोष कुमार विश्वकर्मा, अमृता, सुजान बिंद, अंकुर, संजय ठाकुर, मनीषा सहित अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।

मोमबत्तियों की रोशनी के बीच उपस्थित लोगों ने नेपाल के मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में साहस और शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
मानवता का संदेश लेकर आगे आया अंबिकापुर
अंबिकापुर में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मानवता, संवेदना और पड़ोसी देश के प्रति अपनत्व का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में शामिल समाजसेवियों ने कहा कि दुख की घड़ी में संवेदनशील समाज का कर्तव्य है कि वह पीड़ितों के साथ खड़ा रहे।
घड़ी चौक पर जलती मोमबत्तियां नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति अंबिकापुर की एकजुटता, संवेदना और मानवीय भावना का प्रतीक बनीं।






