जशपुर। विशेष रिपोर्ट।
जशपुर। ग्राम पंचायत जशपुर में पंचायत भवन के सामने शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद अब मामला कथित धमकी तक पहुंच गया है। बुलंद मीडिया के पत्रकार एवं निर्वाचित वार्ड पंच को फोन पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जनहित से जुड़े शासकीय भूमि और दुकानों के निर्माण-अनुमोदन एवं आवंटन के सवालों को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद कथित रूप से दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में एक मोबाइल नंबर से देर रात लगातार तीन बार फोन आने का दावा किया गया है।
27 अगस्त की रात एक ही नंबर से तीन कॉल
शिकायत में बताया गया है कि 27 अगस्त 2026 की रात करीब 10:43 बजे मोबाइल नंबर 7974335678 से कॉल आया। शिकायतकर्ता के अनुसार फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर गंभीर धमकी दी गई।
इसके बाद इसी नंबर से रात 11:54 बजे और 11:55 बजे दो और कॉल किए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक इन दोनों कॉल को रिसीव नहीं किया गया।
शिकायत में उक्त मोबाइल नंबर को गौतम साहू के नाम से संबंधित बताया गया है। हालांकि, वास्तव में फोन किस व्यक्ति ने किया, कथित धमकी का उद्देश्य क्या था और इसका प्रकाशित खबर से कोई संबंध था या नहीं—इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
मामले को गंभीर बनाने वाला एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शिकायतकर्ता ने कथित धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का दावा किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार रिकॉर्डिंग को पुलिस के समक्ष जांच के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।
पुलिस से मांग की गई है कि मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी साक्ष्य, ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच कर फोन करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान सामने लाई जाए।
शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण से जुड़ा है मामला
दरअसल, ग्राम पंचायत जशपुर में पंचायत भवन के सामने स्थित शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण और उनके आवंटन को लेकर सवाल उठाए गए थे। निर्माण की अनुमति, पंचायत के अभिलेख, भूमि की स्थिति, निर्माण में खर्च हुई राशि और दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर शिकायत की गई थी।
इसी मुद्दे को बुलंद मीडिया ने जनहित से जुड़ा विषय मानते हुए प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आरोप है कि खबर सामने आने के बाद संबंधित पक्षों की ओर से दबाव बनाने का प्रयास शुरू हुआ और बाद में कथित धमकी भरे फोन किए गए।
पत्रकार और वार्ड पंच ने मांगी सुरक्षा
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराई जाए। यदि जांच में धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही शिकायतकर्ता ने स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
दुकानों के निर्माण और आवंटन की भी जांच की मांग
शिकायत में केवल कथित धमकी की जांच ही नहीं, बल्कि उस पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, जिसके बाद विवाद सामने आया।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण से संबंधित अनुमति, पंचायत प्रस्ताव, भूमि संबंधी दस्तावेज, निर्माण में खर्च हुई राशि, सरकारी रिकॉर्ड और आवंटन की प्रक्रिया की जांच की जाए।
यदि निर्माण और आवंटन पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुआ है तो संबंधित दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
कॉल डिटेल और ऑडियो जांच से खुलेगा राज
फिलहाल धमकी के आरोप शिकायत के आधार पर सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कॉल डिटेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि फोन वास्तव में किसने किया था और कथित धमकी का संबंध प्रकाशित खबर से था या नहीं।
शिकायतकर्ता के अनुसार पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले में उचित जांच एवं कार्रवाई का भरोसा दिया है।

जनहित की खबर और पत्रकार की सुरक्षा का सवाल
शासकीय संपत्ति और पंचायत से जुड़े सवाल उठाना जनहित का विषय है। ऐसे मुद्दों पर खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार अथवा निर्वाचित जनप्रतिनिधि को कथित धमकी मिलना गंभीर विषय है। अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि रात में एक ही नंबर से आए तीन कॉल और कथित धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग के पीछे आखिर सच्चाई क्या है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह महज दबाव बनाने का प्रयास था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।





