कोरबा/ पाली। विशेष रिपोर्ट।
मारपीट के बाद हटाए गए प्राचार्य मनोज सराफ की दोबारा पोस्टिंग की चर्चाओं से बढ़ा विरोध, स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
कोरबा/पाली। पाली स्थित शासकीय हाईस्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है। विद्यालय के पूर्व प्राचार्य मनोज सराफ की दोबारा पाली हाईस्कूल में पदस्थापना की चर्चाओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और नागरिकों में नाराजगी पैदा कर दी है। विरोध करने वालों का कहना है कि विद्यालय की छवि और अनुशासन को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले प्राचार्य मनोज सराफ और व्याख्याता प्रखर पांडेय के बीच विज्ञान प्रयोगशाला से जुड़े अभिलेखों (फिजिक्स रजिस्टर) के संधारण को लेकर विवाद हुआ था। मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया। सराफ को छुरी स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय तथा प्रखर पांडेय को तिवरता हाईस्कूल भेजा गया।
अब सूत्रों के हवाले से यह चर्चा सामने आई है कि प्राचार्य सराफ पुनः पाली हाईस्कूल में पदस्थापना के प्रयास कर रहे हैं। इसी खबर के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है।
पुराने विवाद फिर बने चर्चा का विषय
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनोज सराफ का कार्यकाल पहले भी कई विवादों में रहा है। वर्ष 2018 में तानाखार हाईस्कूल में पदस्थ रहने के दौरान उन पर लगे आरोपों के बाद पुलिस कार्रवाई हुई थी तथा उन्हें निलंबित भी किया गया था। इसी मामले के बाद तत्कालीन जिला प्रशासन द्वारा उनकी पदस्थापना को लेकर विशेष निर्देश दिए जाने की भी चर्चा रही।
इसके बावजूद वर्ष 2019 में उनकी पाली हाईस्कूल में नियुक्ति हुई। वर्ष 2021 में भी उनके कार्यशैली को लेकर छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में उनका स्थानांतरण हुआ और वर्ष 2022 में फिर उनकी वापसी हुई।
जनप्रतिनिधियों और पालकों का कड़ा रुख
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों का मंदिर है। उनका आरोप है कि जिस अधिकारी का नाम लगातार विवादों से जुड़ता रहा हो, उसकी दोबारा नियुक्ति से विद्यालय की प्रतिष्ठा प्रभावित होगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पुनः ऐसी नियुक्ति की जाती है तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, प्राचार्य मनोज सराफ की पाली हाईस्कूल में पुनः पदस्थापना को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। फिलहाल यह मामला चर्चाओं और स्थानीय विरोध के बीच बना हुआ है। यदि विभाग की ओर से कोई निर्णय लिया जाता है तो स्थिति और स्पष्ट होगी।







