बिलासपुर, सोमवार — जिले में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज बारिश के चलते कई क्षेत्रों में भूस्खलन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर समलेटू के पास भूस्खलन के कारण मार्ग का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। समलेटू से थापना तक करीब एक किलोमीटर का रास्ता केवल सिंगल लेन में संचालित हो रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
उप तहसील नम्होल के घ्याल गांव में भीषण बारिश के दौरान धर्मपाल नामक व्यक्ति के घर के सामने का डंगा तड़के ढह गया। इससे आंगन और रेलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, साथ ही मक्की की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा। परिवार ने तत्काल भूस्खलन को रोकने के लिए तिरपाल डालकर अस्थायी उपाय किया। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद पटवारी और स्थानीय पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
इसी तरह, घुमारवीं उपमंडल के ग्राम पंचायत बम्म स्थित बम्म गांव में भारी बारिश से राजकुमार पुत्र स्यानु राम की गौशाला ढह गई, जिससे करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। श्री नयना देवी क्षेत्र के लखाणा बैहल गांव में ज्ञान चंद की गौशाला भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, बैहल कोड़ावाला गांव में गुलजार सिंह के मकान में दरारें आ गई हैं। प्रशासनिक टीमों ने दोनों स्थानों का निरीक्षण कर क्रमशः 20 और 25 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया है।
बारिश से लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को सोमवार की बारिश से करीब 1 करोड़ 71 लाख 50 हजार रुपये की क्षति हुई है, जबकि पूरे मानसून सीजन में यह आंकड़ा 28 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच चुका है।
जलशक्ति विभाग की 26 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 16 घुमारवीं, 4 झंडूता और 6 बिलासपुर जल मंडल क्षेत्र की हैं। विभाग को सोमवार को ही करीब 1.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून की शुरुआत से अब तक विभाग को कुल 11 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हो चुकी है।








