बिलासपुर, सोमवार: राष्ट्रीय राजमार्ग-130 को लक्जरी कारों से जाम कर सोशल मीडिया पर रील्स बनाने वाले रसूखदार युवकों के खिलाफ की गई मामूली कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने इस मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि “गाड़ियों को जब्त क्यों नहीं किया गया?” साथ ही राज्य शासन से शपथपत्र सहित विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब कुछ युवकों ने नई लग्जरी कार खरीदने के जश्न में बिलासपुर के रतनपुर रोड स्थित एनएच-130 को रोककर वीडियो शूट किया और ड्रोन से रील्स बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दी। इस कारण आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने इस मामले में रसूखदार युवकों वेदांश शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, यशवंत, दुर्गेश ठाकुर, विपिन वर्मा और अभिनव पांडेय पर सिर्फ 2000-2000 रुपये का चालान काटकर कार्रवाई को समाप्त कर दिया। वाहन न तो जब्त किए गए और न ही युवकों पर एफआईआर दर्ज की गई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि सभी छह कारें खतरनाक तरीके से चल रही थीं — एक के बाद एक तेजी से कट मारते हुए। एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन मौके पर तैनात एएसआई केके मरकाम और उनके स्टाफ ने केवल जुर्माना लगाकर मामला निपटा दिया।
हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को अपर्याप्त माना है और पूछा है कि जब स्पष्ट रूप से सार्वजनिक रास्ते को बाधित किया गया, तो कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अब मामले में अगली सुनवाई के लिए राज्य शासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।








