बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिलासपुर शराब घोटाले में फंसे कारोबारी विजय भाटिया को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भाटिया की रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को चुनौती दी थी।
एसीबी पर लगाया था मनमानी गिरफ्तारी का आरोप
सुनवाई के दौरान भाटिया की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि उन्हें बिना समन के गिरफ्तार किया गया और एफआईआर के एक साल बाद तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
एसीबी का पक्ष: 300 गवाहों से पूछताछ, जांच में समय लगा
वहीं, एसीबी की ओर से अधिवक्ता सौरभ पांडे ने कोर्ट को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 300 से अधिक गवाहों से पूछताछ की गई है और पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने में समय लगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाटिया को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के बाद 31 मई को दोपहर में एसीबी के हवाले किया गया था और फिर नियमानुसार 1 जून को रायपुर में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
कोर्ट ने माना कार्रवाई वैध, याचिका खारिज
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया, जिससे आरोपी को कानूनी राहत नहीं मिल सकी।








