Sawraj जयसवाल की कलम से
बिलासपुर। स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने वाला बिलासपुर एक बार फिर सफाई व्यवस्था को लेकर कटघरे में है। उसलापुर रेलवे स्टेशन की हालत इतनी खराब है कि यात्रियों को कुत्तों के साथ सोना पड़ रहा है, वहीं स्टेशन परिसर में गाय का गोबर जमा होने से यात्रियों में भारी आक्रोश है।
स्टेशन परिसर में गंदगी, यात्री हुए बेहाल
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि उसलापुर स्टेशन पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय के आसपास कुत्तों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे यात्रियों को असुरक्षा और असुविधा दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
कई यात्री रात में मजबूरन इन्हीं कुत्तों के बीच जगह बनाकर सोते दिखाई दिए।

गाय का गोबर और बदबू से बिगड़ा माहौल
स्टेशन के अंदर और आसपास गाय का गोबर फैला होने से तीखी दुर्गंध फैल रही है।
स्मार्ट सिटी की ओर से किए गए बड़े-बड़े दावे ऐसे हालात में बेमानी लगते हैं।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर नियमित सफाई न होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

स्मार्ट सिटी इनाम—लेकिन सफाई में फेल?
बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का सम्मान मिलने के बावजूद उसलापुर स्टेशन की तस्वीर बिल्कुल उलट है।
जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था स्मार्ट सिटी की प्राथमिकता मानी जाती है, वहीं स्टेशन की हालत “सफाई के नाम पर जीरो” जैसी दिख रही है।
यात्री सवाल उठा रहे हैं कि जब सार्वजनिक स्थानों की यही स्थिति है तो स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का लाभ आम लोगों को कहाँ मिल रहा है?

यात्रियों की नाराज़गी—रेल प्रबंधन पर सवाल
यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि स्टेशन पर तैनात सफाई कर्मियों की संख्या कम है, और जो हैं भी उनके काम की निगरानी नहीं हो रही।
स्टेशन मास्टर और रेल प्रशासन को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन सुधार अब तक नहीं दिखा।

प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे और नगर निगम दोनों से इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी का दर्जा तभी सार्थक होगा जब ज़मीनी स्तर पर सुविधाएँ सुधरें और स्टेशन को साफ-सुथरा रखा जाए।








