सरगुजा/अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट।
अंबिकापुर। बेटियों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सेवा किटी समूह द्वारा संचालित ‘परवाज़’ कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरगावां में कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्राओं के साथ प्रेरणादायी संवाद सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं से जुड़े समसामयिक एवं संवेदनशील सामाजिक विषयों पर खुलकर चर्चा की गई तथा उन्हें जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं सेवा किटी समूह की संस्थापिका सुश्री वंदना दत्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की बेटियां केवल परिवार का भविष्य ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने बालिका तस्करी, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, मानसिक तनाव, अवसाद, सामाजिक मर्यादा तथा नैतिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इन सामाजिक चुनौतियों से मुकाबला केवल जागरूकता, शिक्षा और मजबूत पारिवारिक संस्कारों के माध्यम से ही संभव है।
उन्होंने छात्राओं से नशे और अन्य सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “बेटियां किसी परिवार पर बोझ नहीं, बल्कि उसके सपनों और संस्कारों की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।”
सेवा किटी समूह की सदस्य दीपमाला सिंह ने बताया कि संस्था जरूरतमंद छात्राओं की शिक्षा एवं अन्य आवश्यक जरूरतों में हरसंभव आर्थिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शासन द्वारा छात्राओं के लिए संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए गए तथा मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत देखभाल के प्रति जागरूक किया गया। संवाद सत्र में छात्राओं ने भी खुलकर अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सहज एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिंह ने सेवा किटी समूह के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिंह, अध्यापिका सुजाता सिंह, रेखा सिंह एवं पूर्णिमा सिंह का विशेष योगदान रहा। अंत में छात्राओं ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए सेवा किटी समूह का आभार व्यक्त किया।








