बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी एक युवक मलेशिया में लापता हो गया है। 29 वर्षीय दीपक तंबोली 31 मई को मलेशिया गया था और 1 जून को कुआलालंपुर पहुंचा था। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दीपक रोजाना घरवालों से फोन पर बात करता था, लेकिन 18 जुलाई की शाम को आखिरी बार संपर्क के बाद उसका मोबाइल बंद है। इसके बाद से परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका है।
परिजनों की चिंता बढ़ने पर सोमवार शाम उन्होंने सिटी कोतवाली पहुंचकर युवक की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी विवेक पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है और मलेशिया स्थित भारतीय एंबेसी से संपर्क कर युवक की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही दीपक की मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास भी जारी हैं।
जॉब सर्च के लिए गया था मलेशिया
जूना बिलासपुर निवासी दीपक तंबोली ने बीएससी कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है। पहले वह दिल्ली के ग्रेटर नोएडा में एक निजी कंपनी में कार्यरत था, लेकिन कोविड काल में नौकरी छूट गई। इसके बाद से वह लगातार जॉब सर्च कर रहा था। इसी सिलसिले में वह 30 दिन के टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया गया था, जो 19 दिन पहले ही समाप्त हो चुका है।
परिजनों के अनुसार, दीपक मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में केयर सेंट्रल पाइंट नामक होटल में ठहरा हुआ था और 18 जुलाई को उसने किसी अन्य गेस्ट हाउस में शिफ्ट होने की बात कही थी। उसी दिन उसने आखिरी बार एटीएम से नकदी निकाली थी, इसके बाद उसके खाते से कोई लेनदेन नहीं हुआ है।
एंबेसी को भेजा गया ई-मेल
थाना प्रभारी विवेक पांडेय ने बताया कि दीपक के बारे में मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास को ई-मेल भेजकर जानकारी मांगी गई है। पुलिस डीएसबी टीम की मदद से हर संभव प्रयास कर रही है कि युवक का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
परिजन बेहाल, मदद की अपील
दीपक के माता-पिता, राजेश और उनकी पत्नी बेटे के लापता होने से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि बेटे की तलाश में तेजी लाई जाए। परिजनों का कहना है कि दीपक ने कभी ऐसा कोई व्यवहार नहीं किया जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर संदेह हो। अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।








