जशपुर/बगीचा। विशेष रिपोर्ट।
जशपुर/बगीचा। ग्राम पंचायत भड़िया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हितग्राहियों को लगातार तीन दिनों से राशन लेने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक चावल उपलब्ध नहीं कराया गया। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं सुबह से राशन दुकान के बाहर इंतजार करती रहीं, लेकिन काफी देर तक दुकान का शटर नहीं खुला।
ग्रामीणों के मुताबिक, हितग्राहियों को सुबह करीब 9 बजे राशन लेने के लिए बुलाया गया था। निर्धारित समय पर महिलाएं और अन्य हितग्राही दुकान पहुंच गए, लेकिन देखते-देखते दोपहर के 12 बज गए और राशन दुकान नहीं खुली। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब राशन वितरण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।

दूर-दराज से पहुंचते हैं हितग्राही, फिर भी करना पड़ता है इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि राशन लेने के लिए कई हितग्राहियों को दूर-दराज के इलाकों से आना पड़ता है। खराब सड़क और कीचड़ भरे रास्तों की परेशानी झेलते हुए वे किसी तरह PDS दुकान तक पहुंचते हैं। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद भी राशन नहीं मिलना उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार दुकान पर बुलाए जाने के बावजूद यदि राशन वितरण नहीं होता, तो उन्हें समय, मेहनत और आने-जाने का खर्च उठाकर खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।
पिछले महीने का राशन भी नहीं मिलने का आरोप
हितग्राहियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले महीने का राशन भी नहीं मिला है। यदि यह आरोप सही है तो गरीब परिवारों के लिए निर्धारित खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सरकारी राशन पर निर्भर परिवारों के लिए समय पर चावल नहीं मिलना सीधे तौर पर उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।
तीन दिन से बुलाने के बाद भी राशन क्यों नहीं?
इस पूरे मामले में कई सवाल ग्रामीणों द्वारा उठाए जा रहे हैं—
जब हितग्राहियों को राशन लेने के लिए बुलाया गया, तो दुकान निर्धारित समय पर क्यों नहीं खुली?
तीन दिनों से हितग्राहियों को बुलाने के बावजूद राशन वितरण क्यों नहीं हो पाया?
पिछले महीने का राशन नहीं मिलने के आरोपों की सच्चाई क्या है?
ग्रामीणों को बार-बार दुकान तक बुलाकर वापस लौटने की स्थिति क्यों बन रही है?
राशन वितरण व्यवस्था में देरी या लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित खाद्य विभाग एवं प्रशासन से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को उनका लंबित एवं निर्धारित राशन समय पर उपलब्ध कराने तथा यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित विभाग और प्रशासन कब संज्ञान लेते हैं और तीन दिनों से राशन के लिए परेशान हो रहे हितग्राहियों को उनका हक कब मिल पाता है।
सरकारी राशन गरीब परिवारों के लिए राहत और अधिकार की व्यवस्था है। ऐसे में सवाल यही है कि भड़िया के ग्रामीणों को अपने इसी अधिकार के लिए आखिर कब तक घंटों इंतजार और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?






