रायपुर, 5 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में प्रदेश सरकार अब ‘लोक सुराज अभियान’ शुरू करने जा रही है। इसका मकसद सरकार और आम जनता के बीच की दूरी को पाटना और जमीनी स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यह अभियान तीन चरणों में 8 अप्रैल से 31 मई तक चलेगा, जिसमें आवेदन संग्रह से लेकर समाधान शिविर और योजनाओं की रिव्यू तक की व्यापक प्रक्रिया शामिल है।
तीन चरणों में लोक सुराज अभियान की रूपरेखा
🔹 पहला चरण (8 अप्रैल – 11 अप्रैल):
प्रदेशभर में नागरिकों से उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव लिए जाएंगे। गांवों और शहरों में विशेष केंद्रों की स्थापना कर आवेदन जमा किए जाएंगे।
🔹 दूसरा चरण (12 अप्रैल – 4 मई):
एक महीने तक आवेदनों का निपटारा किया जाएगा। संबंधित विभाग और अधिकारी त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
🔹 तीसरा चरण (5 मई – 31 मई):
राज्यभर में समाधान शिविर आयोजित होंगे, जिनमें आवेदनों का निराकरण होगा और योजनाओं की ग्राउंड रिपोर्टिंग की जाएगी। स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन शिविरों की समीक्षा करेंगे और पत्रकार वार्ता के माध्यम से जनता को रिपोर्ट देंगे।
सभी वर्गों की भागीदारी के लिए विशेष व्यवस्था
जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्रक्रिया में नागरिकों की मदद के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। राज्य के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा,
“साय सरकार बनने के बाद जनता और सरकार के बीच की दूरी घटी है। लोक सुराज अभियान इस विश्वास को और गहरा करेगा।”
विपक्ष का हमला – कांग्रेस ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस ने इस अभियान की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा,
“सरकार को बने डेढ़ साल हो गए हैं, अब जाकर जनता की सुध ली जा रही है। अगर ईमानदारी से अभियान चलाया गया, तो यह एक सराहनीय कदम होगा।”
पिछली सरकारों की नीतियों की झलक
इस तरह के प्रयास पहले भी हो चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ‘विकास यात्रा’, और भूपेश बघेल ने ‘भेंट-मुलाकात’ के ज़रिए जनता से सीधा संवाद किया था। अब मुख्यमंत्री साय ‘लोक सुराज’ के ज़रिए अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और समस्याओं का समाधान पहुंचाने की तैयारी में हैं।









