बिलासपुर। जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने संयुक्त बैठक ली। बैठक में एसडीएम, एसडीओपी, जिला पंचायत सीईओ सहित सभी राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दोनों अधिकारियों ने शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर और एसएसपी ने कहा कि तीज-त्योहार और अन्य उत्सवों के दौरान तेज आवाज (कानफोड़ू साउंड) बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से हो। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बहिष्कार और प्रताड़ना की घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
सामाजिक बहिष्कार पर सख्ती: हाल के दिनों में सामने आए सामाजिक बहिष्कार के मामलों पर कड़ी नजर और त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
धरना प्रदर्शन की अनुमति: किसी भी धरना या प्रदर्शन की अनुमति 24 घंटे पहले देने का स्पष्ट निर्देश, ताकि परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जा सके।
हिट एंड रन योजना: सड़क दुर्घटनाओं में अज्ञात वाहनों की पहचान नहीं होने पर “हिट एंड रन” योजना के तहत पीड़ित को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
आवारा पशु व साइबर अपराध: आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने जनजागरूकता अभियान चलाने और नशा व साइबर अपराधों को लेकर स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने और सही तथ्य तत्काल सार्वजनिक करने को कहा गया।
रेत व शराब माफिया पर कार्रवाई: रेत माफियाओं के खिलाफ अब तक रिकॉर्ड 33 एफआईआर दर्ज हुई हैं। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने वाले लगभग 100 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश आरटीओ को की गई है।
बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एएसपी अर्चना झा, राजेंद्र जायसवाल सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी एवं थानेदार वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कानून व्यवस्था को लेकर सक्रिय रहें और संवेदनशील मामलों में समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करें।








