बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
प्रदेश में बढ़ती बिजली दरों और अघोषित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शहर और जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने तिफरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में लालटेन लेकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
“बिजली सरप्लस फिर भी कटौती क्यों?” – विजय केशरवानी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के बिजली सरप्लस राज्यों में शामिल है, इसके बावजूद शहरी और ग्रामीण इलाकों में रोजाना कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की बिजली को अन्य राज्यों को बेचकर यहां के नागरिकों को अंधेरे में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर गरीबों को ठगा जा रहा है।
“डेढ़ साल में चौथी बार बढ़ी बिजली दर” – विजय पांडेय
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार जनसमस्याओं के प्रति पूरी तरह से उदासीन है। उन्होंने बताया कि बीते डेढ़ साल में चौथी बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, जो आम जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा कर दिया गया था, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
बिजली विभाग को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ए.के. अंबष्ट को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली दरों में बढ़ोतरी को वापस लेने और लगातार हो रही बिजली कटौती को रोकने की मांग की गई। अंबष्ट ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें विद्युत नियामक आयोग को भेजी जाएंगी, क्योंकि बिजली दरों में बदलाव का निर्णय आयोग द्वारा ही लिया जाता है।








