बिलासपुर, छत्तीसगढ़। शहर में एक बार फिर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। नेहरू नगर स्थित सनसाइन हॉस्पिटल में नियमों को ताक पर रखकर पांच मंजिला इमारत खड़ी की जा रही है, जबकि नगर निगम ने केवल तीन मंजिल (जी+3) के कॉमर्शियल नक्शे को ही स्वीकृति दी थी।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के मालिक डॉ. राजेश सिंह गौतम को पहले ही नगर निगम द्वारा नक्शे के विपरीत निर्माण करने पर नोटिस जारी किया जा चुका है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य अनवरत जारी है। डॉ. गौतम का दावा है कि उन्हें हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर मिला है और इसकी सूचना निगम को दे दी गई है। वहीं, भवन शाखा के कर्मचारियों का कहना है कि यह मामला करीब डेढ़ साल पुराना है और संबंधित फाइल की तलाश की जा रही है।
इंजीनियरों की मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों और कुछ जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि शहर में कई स्थानों पर निगम इंजीनियरों की मिलीभगत से इस तरह के अवैध निर्माण हो रहे हैं। नगर निगम के नए भवन शाखा प्रभारी कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में चार्ज संभाला है और अब तक उन्हें ऐसे मामलों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभापति ने उठाई सर्वे और नियमितीकरण की मांग
नगर निगम के सभापति विनोद सोनी ने कहा कि यह समस्या पूरे शहर में फैली हुई है। कई जगहों पर बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने निगम से सभी 70 वार्डों में एक समग्र सर्वे कराए जाने की मांग की है ताकि अवैध निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगे।
सभापति ने यह भी सुझाव दिया कि अवैध निर्माणों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को शासन स्तर पर फिर से शुरू किया जाए। इससे एक ओर निगम की आय में इजाफा होगा, वहीं दूसरी ओर नियमों के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी।
पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
यह मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले दयालबंद क्षेत्र में अशोक गांधी ने भी तीन मंजिला स्वीकृति के बावजूद पांच मंजिला इमारत बना ली थी। नगर निगम ने प्रारंभिक तौर पर तोड़ने की कार्रवाई की, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया और निर्माण को अवैध तरीके से नियमित कर दिया गया।







