बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर। रक्षाबंधन पर्व से ठीक पहले शहर के प्रमुख शनिचरी बाजार में नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। त्योहार के मद्देनजर राखी और अन्य सामान की दुकानें लगाने की तैयारी कर रहे छोटे दुकानदारों के ठेले और अस्थायी दुकानों को हटाए जाने से व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों का सामान निगम द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की बात भी सामने आई है।

दुकानदारों का कहना है कि रक्षाबंधन उनके लिए कमाई का महत्वपूर्ण अवसर होता है। त्योहार को देखते हुए उन्होंने सामान खरीदकर दुकान लगाने की तैयारी की थी, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। व्यापारियों का आरोप है कि यदि अतिक्रमण या यातायात व्यवस्था को लेकर समस्या थी, तो उन्हें पहले से सूचना देकर सामान हटाने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
“व्यवस्था जरूरी, लेकिन रोजी-रोटी भी जरूरी”
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बाजार में भीड़ और यातायात को नियंत्रित करना जरूरी है, लेकिन कार्रवाई के दौरान छोटे और अस्थायी दुकानदारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। खासकर त्योहार के समय प्रशासन और निगम को ऐसे दुकानदारों के लिए व्यवस्थित एवं वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की पहल करनी चाहिए।

कार्रवाई की सूचना और सामान जब्ती पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दुकानदारों को कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय और स्पष्ट सूचना दी गई थी? यदि बिना उचित सूचना के सामान हटाया या जब्त किया गया है, तो प्रभावित दुकानदारों के नुकसान की जिम्मेदारी और सामान वापसी को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।
व्यापारियों ने नगर निगम से मांग की है कि जब्त सामान तत्काल वापस किया जाए, कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए और भविष्य में त्योहारों के दौरान छोटे दुकानदारों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शनिचरी बाजार की यह कार्रवाई एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की जरूरत और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन का सवाल सामने ले आई है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में व्यापारियों की नाराजगी को लेकर क्या कदम उठाता है।









