श्रीलंका इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। चक्रवात दित्वा (Cyclone Ditwah) के लैंडफॉल के बाद देश में व्यापक तबाही मच गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई है। अब तक 47 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। प्रशासन के अनुसार, 21 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है।
कैसे बढ़ा संकट?
चक्रवात दित्वा ने कल सुबह श्रीलंका के पूर्वी तट पर लैंडफॉल किया, जिसके बाद से तेज हवाओं और भारी बारिश ने देश के कई जिलों को प्रभावित कर दिया। नदी किनारे बसे इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
- लापता लोगों की खोज के लिए सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक एक साथ अभियान चला रहे हैं।
- प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी शिविरों की व्यवस्था की गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
पर्यटकों के लिए चेतावनी
श्रीलंका के पर्यटन मंत्रालय ने सुरक्षा के मद्देनज़र पर्यटकों से फिलहाल देश की यात्रा न करने की अपील की है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे और अधिक वर्षा की संभावना व्यक्त की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।









