रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए समन के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बंगले पर हुई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, शिव डहरिया, उमेश पटेल, धनेन्द्र साहू, विकास उपाध्याय और संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू शामिल हुए। बैठक में ED के समन और जांच एजेंसी को दिए जाने वाले जवाबों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने ED को सभी सवालों के जवाब देने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त समय मांगा जाएगा। यह मामला पूर्व मंत्री कवासी लखमा और कथित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है।
ED ने मांगी राजीव भवन निर्माण से जुड़ी जानकारी
ED ने कांग्रेस नेताओं से सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी चार प्रमुख जानकारियां मांगी हैं:
- फंडिंग: इन भवनों के निर्माण के लिए धनराशि कहां से आई?
- निर्माण की शुरुआत: निर्माण कार्य कब शुरू हुआ?
- ठेकेदार: निर्माण का ठेका किसे दिया गया?
- वित्तीय ब्योरा: भवन निर्माण से जुड़ा पूरा वित्तीय विवरण क्या है?
कांग्रेस नेताओं ने इन सवालों के जवाब देने के लिए और समय मांगा है। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “हमारे पास एक-एक रुपए का पूरा हिसाब है। हमने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है और इसके लिए ED को पत्र लिखा गया है।”
कांग्रेस की कानूनी रणनीति तैयार
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी की मौजूदगी यह संकेत देती है कि कांग्रेस कानूनी दृष्टिकोण से अपना बचाव मजबूत करने की रणनीति बना रही है। कांग्रेस संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा, “ED द्वारा पूछे गए चार बिंदुओं पर पूरी जानकारी दी जाएगी। जांच में कांग्रेस पूरा सहयोग करेगी, लेकिन जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।”
ED की कार्रवाई पर भाजपा का तंज
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “ED की यह कार्रवाई कांग्रेस के काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। शराब घोटाले की सच्चाई सभी को पता है। पिछली सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से राज्य को लूटा और अब जांच में सच्चाई सामने आएगी।”
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा, “ED को ठोस सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
क्या है शराब घोटाला मामला?
यह मामला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। ED इस मामले में पहले भी कई कार्रवाई कर चुकी है और विभिन्न नेताओं से पूछताछ के अलावा कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। अब राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगने से इस जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
27 फरवरी को ED को सौंपे जाएंगे दस्तावेज
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने 27 फरवरी को ED को सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी सौंपने का निर्णय लिया है। इस दौरान भूमि खरीदी, निर्माण की शुरुआत, खर्च, ठेकेदार और फंडिंग के स्रोतों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।










