अंडमान-निकोबार 18 सितम्बर 2025। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंडमान-निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (ANSCB) में हुए बहुचर्चित घोटाले की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार गिरफ्तारी की है। ईडी ने इस मामले में पूर्व सांसद एवं बैंक के पूर्व चेयरमैन कुलदीप राय शर्मा, बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर के. मुरुगन और लोन ऑफिसर के. कलैवनन को गिरफ्तार किया है। यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में ईडी की अब तक की पहली गिरफ्तारी है।
500 करोड़ का घोटाला, 230 करोड़ सीधे पहुँचे पूर्व सांसद तक
ईडी की जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर सैकड़ों फर्जी कंपनियों के नाम पर लोन स्वीकृत किए। इस गड़बड़ी के जरिए लगभग 500 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि इस घोटाले में से लगभग 230 करोड़ रुपये का सीधा फायदा कुलदीप राय शर्मा और उनके करीबी सहयोगियों को हुआ।
फर्जी कंपनियों और कमीशन का खेल
ईडी के अनुसार बैंक के एमडी के. मुरुगन और लोन ऑफिसर के. कलैवनन ने भी अपने रिश्तेदारों के नाम पर कंपनियां बनाईं और उन्हीं के माध्यम से लोन मंजूर कराया। इसके अलावा अन्य लोगों को भी 5% कमीशन लेकर फर्जी लोन दिलाए गए। बाद में यह रकम नकद निकाली गई और कथित तौर पर बैंक अधिकारियों और उनके सहयोगियों के बीच बांट दी गई।
कस्टडी और छापेमारी
कोर्ट ने कुलदीप राय शर्मा और के. कलैवनन को 8 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। इस बीच ईडी ने अंडमान-निकोबार में कई ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी है। तलाशी के दौरान ईडी को बैंक से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले हैं, जो लोन और ओवरड्राफ्ट की मंजूरी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि करते हैं।
100 से ज्यादा फर्जी खाते और 100 करोड़ की संपत्ति जब्त
अधिकारियों का आरोप है कि बैंक की मानक प्रक्रियाओं और नियमों की अनदेखी करते हुए 100 से अधिक फर्जी खातों के जरिए लोन स्वीकृत किए गए। ऑपरेशन के दौरान लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया था कि कुलदीप राय शर्मा और उनके सहयोगियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर ANSCB से करोड़ों का लोन हड़पने की योजना बनाई थी।
जांच जारी
ईडी अधिकारियों ने कहा कि यह घोटाला बड़े स्तर पर सुनियोजित तरीके से किया गया और इसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। फिलहाल ईडी ने आगे की जांच तेज कर दी है।









