आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय: अनुराग सिंह देव

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जिला भाजपा कार्यालय रायगढ़ में पत्रकार वार्ता और प्रदर्शनी का आयोजन, कांग्रेस की तानाशाही प्रवृत्ति पर साधा निशाना

रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी के रायगढ़ जिला कार्यालय में आज आपातकाल की 50वीं बरसी पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष एवं भाजपा बिलासपुर संभाग प्रभारी श्री अनुराग सिंह देव ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया।

उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की रात इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने की हताशा में ‘आंतरिक अशांति’ का बहाना बनाकर देश पर आपातकाल थोप दिया, जबकि न कोई युद्ध था, न विद्रोह और न कोई बाहरी खतरा। इसका एकमात्र कारण था – इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा चुनाव को अवैध ठहराया जाना।

श्री देव ने कहा, “कांग्रेस ने उस समय प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को पूरी तरह कुचल दिया। संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को रौंदा गया। यह एक डरी हुई सरकार की तानाशाही थी, जिसका मकसद केवल सत्ता को बचाना था।”

प्रेस की आज़ादी पर हमला, लाखों गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान बड़े अखबारों की बिजली काटी गई, सेंसरशिप लगाई गई और पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया। मीसा जैसे काले कानून के तहत एक लाख से अधिक नागरिकों को बिना मुकदमे जेल में डाला गया, जिनमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेता शामिल थे।

तानाशाही प्रवृत्ति आज भी जारी
श्री देव ने कहा, “आज भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है। चेहरे बदले हैं, मगर तानाशाही और वंशवाद का चरित्र वही है। आज भी विरोधियों की आवाज दबाने, सोशल मीडिया पोस्ट पर मुकदमे करने और कानून व्यवस्था के दुरुपयोग की घटनाएं कांग्रेस शासित राज्यों में आम हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि संजय गांधी जैसे गैर-संवैधानिक व्यक्ति आपातकाल के दौरान देश की नीतियों का निर्धारण कर रहे थे। न्यायपालिका को कमजोर करने के लिए इंदिरा गांधी सरकार ने 39वें और 42वें संशोधन कर लोकतंत्र की आत्मा को आहत किया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन
इस अवसर पर जिला भाजपा कार्यालय में आपातकाल की विभीषिका दर्शाती विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन श्री अनुराग सिंह देव के करकमलों से हुआ। कार्यक्रम प्रभारी अनुपम पाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी उस समय के अत्याचारों की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आग्रह किया।

रायगढ़ के मीसा बंदी रहे योद्धा
आपातकाल के दौरान रायगढ़ जिले से भी कई लोग मीसा के तहत जेल भेजे गए थे। इनमें एम.एस. लांबट, पी.के. तामस्कर, पूर्णचंद गुप्ता, दयाराम ठेठवार, कृष्णचंद मिश्रा, देवी प्रसाद अग्रवाल, जयदयाल अग्रवाल, युधिष्ठिर पंडा, प्रमोद सराफ, सुगमचंद फरमानिया जैसे कई नाम शामिल हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान, मीसा बंदी सुगमचंद फरमानिया, गुरुपाल सिंह भल्ला, श्रीकांत सोमावार, विवेक रंजन सिन्हा, कमल गर्ग, सुभाष पांडे, शीला तिवारी, अनुपम पाल सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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