बिलासपुर। शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दो युवाओं की अलग-अलग घटनाओं में मौत से हड़कंप मच गया है। एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि एक युवक का शव उसके किराए के कमरे में संदिग्ध हालात में मिला है। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
नीलिमा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट नहीं मिला
पहली घटना सीपत थाना क्षेत्र के नहरपारा इलाके की है। यहां 29 वर्षीय नीलिमा सत्यार्थी, जो पीएससी की तैयारी कर रही थी, ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। नीलिमा, रिटायर्ड कर्मचारी बीआर सत्यार्थी की बेटी थी। रविवार को परिवार के अन्य सदस्य बिलासपुर घुमने गए थे। शाम को लौटने के बाद नीलिमा अपने कमरे में चली गई।
कुछ देर बाद जब परिजनों ने उसे खाने के लिए बुलाया तो दरवाजा नहीं खुला। दरवाजा खोलने पर परिजनों के होश उड़ गए – नीलिमा की लाश पंखे से लटकी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिससे आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों से पूछताछ जारी है।
किराए के कमरे में मृत मिला युवक अमर, हार्ट अटैक की आशंका
दूसरी घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर इलाके की है। 33 वर्षीय अमर प्रताप सिंह, मूलतः सूरजपुर निवासी था और पिछले पांच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह यहां किराए के कमरे में अकेले रहता था।
रविवार रात वह कमरे में गया और सुबह तक बाहर नहीं आया। कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। जब मकान मालिक ने खिड़की से झांका, तो अमर बिस्तर पर लेटा दिखा, लेकिन आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। आशंका के चलते पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, जहां अमर मृत अवस्था में मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। अमर शादीशुदा था और उसकी एक बच्ची भी है।
मौतें कई सवाल छोड़ गईं, पुलिस जांच में जुटी
दोनों ही मौतों ने न केवल परिजनों को बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, मानसिक तनाव और अकेलापन जैसे विषयों पर भी यह घटनाएं सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर मौत के असली कारणों की जांच शुरू कर दी है।








