कोरबा। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय जननेता स्वर्गीय बिसाहूदास महंत की 46वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुवार को कोरबा के घंटाघर स्थित बिसाहूदास महंत स्मृति उद्यान में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिकजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान स्मृति उद्यान में स्थापित बिसाहूदास महंत जी की आदमकद प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय टेकाम, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक फूलसिंह राठिया, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
“बाबूजी का जीवन बना प्रेरणा का स्रोत” – डॉ. चरणदास महंत
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. चरणदास महंत ने कहा, “बाबूजी भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद सदैव हमारे साथ है। उन्होंने जीवन भर राजनीति को सेवा का माध्यम माना और जनकल्याण के लिए कार्य किया। उनके दूरदर्शी सोच से ही छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना संभव हो सकी।”
जनप्रिय नेता और कुशल प्रशासक – जयसिंह अग्रवाल
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि स्व. महंत जी न केवल लोकप्रिय जननेता थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने चार बार मध्यप्रदेश की कैबिनेट में मंत्री पद संभाला और कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है।
सादगी और आदर्शों की प्रतिमूर्ति – डॉ. प्रेमसाय टेकाम
डॉ. टेकाम ने उन्हें गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित नेता बताया। उन्होंने कहा कि बिसाहूदास जी सच्चे कबीरपंथी थे और ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को अपने जीवन में उतारा। उन्होंने सदैव जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझा और समाधान के लिए प्रयासरत रहे।
महिला नेतृत्व को दी प्रेरणा – सांसद ज्योत्सना महंत
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि बिसाहूदास महंत जी ने समाज में सेवा, त्याग और नैतिक मूल्यों का उदाहरण प्रस्तुत किया। “उन्होंने अपने कार्यों से हजारों लोगों को प्रेरित किया। आज भी उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है।”
ग्रामीण विकास के प्रति समर्पित – राजकिशोर प्रसाद
पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने उन्हें ग्रामीण भारत का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा, “बिसाहूदास जी ने हैंडलूम और कोसा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई। वे छत्तीसगढ़ की माटी के सच्चे लाल थे।”
सभी क्षेत्रों से जुटे कांग्रेसजन
इस अवसर पर कोरबा सहित रामपुर, पाली-तानाखार, कटघोरा, जांजगीर, सक्ती, चांपा, कोरिया आदि स्थानों से भी कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में एकजुटता और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा।








