Teacher Career News:
सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत अब B.Ed और D.El.Ed कोर्स की अनिवार्यता खत्म करने का निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर Integrated Teachers Education Programme (ITEP) नाम का नया कोर्स शुरू किया गया है। अब सरकारी स्कूलों में मास्साब बनने का रास्ता पहले से आसान और प्रभावशाली हो जाएगा।
क्या है ITEP कोर्स?
ITEP यानी इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम को NCTE (National Council for Teacher Education) द्वारा डिजाइन किया गया है। यह 4 साल की अवधि वाला कोर्स है, जिसमें 12वीं के बाद सीधे दाखिला लिया जा सकता है। इस कोर्स के जरिए उम्मीदवारों को प्रारंभिक, माध्य और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षण के लिए तैयार किया जाएगा।
कब से और कहां शुरू हुआ?
इस कोर्स की शुरुआत वर्ष 2023 में ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो कॉलेजों में हो चुकी है। आने वाले वर्षों में इसे देशभर की प्रमुख यूनिवर्सिटी में शामिल किया जाएगा। 2030 के बाद भारत में शिक्षक बनने के लिए ITEP अनिवार्य कर दिया जाएगा। हालांकि B.Ed कोर्स भी आगे जारी रहेगा, लेकिन वह केवल एकेडमिक और रिसर्च के लिए सीमित होगा।
ITEP कैसे करेगा फायदा?
अभी तक शिक्षक बनने के लिए 3 साल का ग्रेजुएशन और 2 साल का B.Ed करना पड़ता था। यानी कुल 5 साल। जबकि ITEP कोर्स 4 साल में ही दोनों डिग्री पूरी कर देगा। इससे छात्रों का 1 साल बचेगा और वे जल्दी शिक्षक बन सकेंगे। इस कोर्स में दाखिला National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा।
शिक्षक बनने का नया मौका
अब जो भी युवा सरकारी शिक्षक बनना चाहते हैं, वे 12वीं पास करते ही इस कोर्स में दाखिला लेकर टीचिंग का सपना पूरा कर सकते हैं। इस कोर्स की मदद से शिक्षकों की गुणवत्ता और ट्रेनिंग स्टैंडर्ड भी बेहतर होंगे।









