रायपुर। विशेष रिपोर्ट।
रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 7 सितंबर को संभागस्तरीय प्रबुद्धजन सम्मान एवं कार्यकर्ता सम्मेलन तथा भाजपा OBC मोर्चा की संभागीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने OBC समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती को लेकर कार्यकर्ताओं एवं समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में तोखन साहू ने कहा कि “नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर इसका उदाहरण है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।

अलग-अलग जातियां, लेकिन संस्कृति और परंपराएं एक
तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में OBC वर्ग में करीब 67 जातियां शामिल हैं। जातियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन उनकी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यही एकजुटता OBC समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने समाज के लोगों से छोटे-छोटे सामाजिक दायरों से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही OBC मोर्चा के कार्यकर्ताओं से समाज के बीच पहुंचकर जागरूकता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की अपील की।

मोदी के प्रधानमंत्री बनने को बताया OBC समाज का गौरव
केंद्रीय राज्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने को OBC समाज के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में OBC समुदाय से आने वाले नेताओं ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघर्ष और मेहनत के जरिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचकर यह संदेश दिया है कि नए भारत में अवसर वंश या परिवार की विरासत नहीं, बल्कि प्रतिभा और परिश्रम से मिलते हैं।

OBC अधिकारों के संघर्ष का किया उल्लेख
तोखन साहू ने OBC अधिकारों से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए काका कालेलकर आयोग, मंडल आयोग और OBC आरक्षण से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग ने पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी, जिसे बाद में लागू किया गया और वर्ष 1992 में सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी मामले के फैसले के बाद आरक्षण व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता मिली।
उन्होंने कांग्रेस पर OBC समाज के सामाजिक एवं राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।
मोदी सरकार के फैसलों को गिनाया
तोखन साहू ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा OBC सशक्तीकरण के लिए किए गए विभिन्न फैसलों का उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा, क्रीमी लेयर की आय सीमा में बढ़ोतरी, OBC वर्गों को आरक्षण का समान लाभ दिलाने के लिए रोहिणी आयोग और NEET के ऑल इंडिया कोटा में OBC आरक्षण जैसे मुद्दों को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों से OBC समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं।

एकजुट होकर संगठन मजबूत करने की अपील
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक एकजुटता और मजबूत संगठन के माध्यम से OBC समाज राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और प्रभावी बना सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश OBC मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष OBC मोर्चा अशोक साहू सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी, OBC मोर्चा के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








