नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष का घोर विरोध जारी रहा। मंगलवार को लोकसभा में लगातार हंगामे के चलते पूरे दिन कोई कामकाज नहीं हो सका, जबकि राज्यसभा में सीमित कार्यवाही के बीच कुछ विधेयकों पर चर्चा हुई।
सरकार ने विपक्ष की मांग मानते हुए 9 और 10 दिसंबर को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर विस्तृत चर्चा कराने पर सहमति दी है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहस की शुरुआत करेंगे, जबकि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 10 दिसंबर को जवाब देंगे। इससे एक दिन पहले 8 दिसंबर को ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा होगी और इसके लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगन के बाद भारी हंगामे के चलते दोपहर 2:05 बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दल एसआईआर को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे और सरकार पर मतदाता सूची में हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे थे।
इस बीच केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने सदन में आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) में सहयोग नहीं कर रही, जिससे केंद्र की ‘विकसित भारत’ योजना में बाधा उत्पन्न हो रही है।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में एक खास दृश्य देखने को मिला, जब जॉर्जिया से आए उच्चस्तरीय संसदीय शिष्टमंडल ने सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिष्टमंडल का सदन की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि भारत-जॉर्जिया संसदीय संबंध और अधिक मजबूत होंगे।









