बेल्जियम पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और गीतांजलि जेम्स के संस्थापक मेहुल चोकसी को गिरफ्तार कर लिया है। चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड मामले में फरार था और लंबे समय से विदेशी सरजमीं पर छिपा बैठा था। भारतीय एजेंसियों ने अब बेल्जियम प्रशासन से उसका भारत प्रत्यर्पण कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
कौन है मेहुल चोकसी?
मेहुल चोकसी, भारत के जाने-माने हीरा कारोबारी और गीतांजलि जेम्स के संस्थापक रहे हैं। उनका नाम 2018 में सामने आए PNB धोखाधड़ी मामले में शामिल पाया गया। चोकसी, घोटाले के बाद देश छोड़कर एंटीगुआ और बारबुडा भाग गया था। वहीं, 2023 में वह बेल्जियम शिफ्ट हो गया, जहां उसकी पत्नी प्रीति चोकसी पहले से नागरिकता लेकर रह रही थी।
बताया गया है कि चोकसी ने बेल्जियम में रहने के लिए ‘एफ रेजीडेंसी कार्ड’ लिया था, जिसके लिए उसने जाली दस्तावेज भी पेश किए। उसका मकसद भारत में चल रही प्रत्यर्पण प्रक्रिया से बचना था।
चाचा-भतीजे की जोड़ी ने रचा था बैंक फ्रॉड का जाल
मेहुल चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी, दोनों ही देश के जाने-माने हीरा कारोबारी थे। इन दोनों ने मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 13,578 करोड़ रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी की। यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है।
PNB स्कैम 2011 से गुपचुप तरीके से चलता रहा और इसका खुलासा 2018 में हुआ। लेकिन इससे पहले ही दोनों देश छोड़कर फरार हो गए। इस घोटाले के खुलासे के बाद CBI और ED ने इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज किए।
सरकार ने कार्रवाई करते हुए मेहुल चोकसी की 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
क्या है अगला कदम?
अब भारत सरकार ने बेल्जियम प्रशासन से Mehul Choksi extradition की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। यदि प्रत्यर्पण होता है, तो मेहुल चोकसी को भारत लाकर कानूनी कार्रवाई और घोटाले की भरपाई की कोशिश की जाएगी।










