स्वराज जायसवाल ✍️
बिलासपुर जिले के चांटीडीह क्षेत्र में मकान तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रामायण चौक, चांटीडीह मेला पारा में केवल हिंदू समुदाय के मकानों को तोड़ा गया, जबकि अन्य समुदाय के ईरानी मोहल्ले को इस कार्रवाई से अलग रखा गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और असंतोष का माहौल है।
स्थानीयों के आरोप
चांटीडीह मोहल्लेवासियों का कहना है कि उनके बच्चों को स्कूल आते-जाते समय असामाजिक तत्वों से परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कुछ युवक लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, छेड़छाड़ और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। हाल ही में चाकूबाजी की एक घटना भी हुई थी, जिसमें मामला दर्ज होने की बात कही जा रही है।
समुदाय का एकत्रीकरण
इन घटनाओं और कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई के विरोध में हिंदू समुदाय के लोग रामायण चौक स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और न्याय की मांग की। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की।
पुलिस की मौजूदगी और आश्वासन
सूचना मिलने पर सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि स्कूल की छुट्टी के समय सुरक्षा और निगरानी के लिए पुलिस वाहन तैनात किया जाएगा, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आगे की कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर सोमवार को दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। वहीं पुलिस ने शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
मामला संवेदनशील होने के चलते प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि तोड़फोड़ और सुरक्षा से जुड़े मामलों में समान और निष्पक्ष निर्णय लिया जाए।








