कोटमी/डभरा। पुलकित दास महंत विशेष रिपोर्ट।
कोटमी/डभरा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटमी में शासकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक श्री गजेंद्र पटेल के सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्राचार्य श्री मुकेश कुमार साहू के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने श्री पटेल के दीर्घ शिक्षकीय सेवाकाल को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
समारोह के दौरान प्रधान पाठक गजेंद्र पटेल को शाल, श्रीफल, दैनंदिनी एवं लेखनी भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री राजेश कुमार नायक ने विदाई संदेश का वाचन किया। वहीं श्रीमती खिरेश्वरी चौधरी एवं श्री नीलकंठ साहू ने विदाई भाषण देते हुए श्री पटेल के शिक्षकीय जीवन, अनुशासन, समर्पण एवं विद्यालय के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
विद्यालय को भेंट किए तीन सीलिंग पंखे
सेवानिवृत्ति के अवसर पर श्री गजेंद्र पटेल ने विद्यालय के प्रति अपने लगाव और कृतज्ञता का परिचय देते हुए विद्यालय को भेंट स्वरूप तीन सीलिंग पंखे प्रदान किए। उनके इस योगदान की विद्यालय परिवार ने सराहना की और इसे लंबे समय तक याद रखने योग्य पहल बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री मुकेश कुमार साहू ने श्री गजेंद्र पटेल के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्री पटेल की सेवाएं विद्यालय परिवार के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगी।

शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने दी शुभकामनाएं
विदाई समारोह में के.के. खुटें, अनिल पटेल, पुष्पेन्द्र चन्द्रा, विश्वनाथ पटेल, नीलकंठ साहू, राजेश नायक, सुलोचना सिदार, स्वाति, पालेश्वर तम्बोली, गणेश राम पटेल, खिरेश्वरी चौधरी, नरोत्तम पटेल, प्रेमचंद पटेल, तमन, गीता बाई, श्याम लाल, पिंकी यादव, ऐश्वर्य पांडे, नमन, नीरज एवं अंश सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने श्री गजेंद्र पटेल को सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की शुभकामनाएं दीं। उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कहा कि श्री पटेल का शिक्षकीय योगदान और विद्यालय के प्रति उनका समर्पण आने वाले समय में भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।







