बिलासपुर – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के उपलक्ष्य में 22 मई से 5 जून तक विस्तारित जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “End Plastic Pollution” निर्धारित की गई है, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस कड़ी में 22 मई को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय, बिलासपुर में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे महाप्रबंधक कार्यालय परिसर से बिलासपुर स्टेशन तक प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट्स एवं गाइड्स, सेंट जॉन एम्बुलेंस और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों, उसलापुर प्रशिक्षण केंद्र एवं NEI संस्थान के प्रशिक्षुओं सहित रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रभात फेरी में लगभग 340 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें प्रमुख रूप से प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता श्री संजय विश्वास, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक श्री मनोज गुरुमुखी, प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. भरत लाल, मुख्य यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण) श्री जी. अप्पाराव, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री चंद्रभूषण, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. जमकियार तथा मंडल पर्यावरण एवं हाउस कीपिंग प्रबंधक श्री एस. साईं रमेश शामिल थे।
बिलासपुर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्लास्टिक प्रदूषण के कारण होने वाले दुष्प्रभावों एवं उसके निराकरण के उपायों को दर्शाया गया। इंग्लिश मीडियम स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत थीम आधारित गीत ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त वातावरण की दिशा में कार्य करने की प्रतिज्ञा ली और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज में फैलाने का संकल्प लिया।
इस अभियान के अंतर्गत 23 मई को मंडल के कोचिंग डिपो सहित विभिन्न वर्कशॉप में भी प्लास्टिक उन्मूलन के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कर्मचारियों को प्लास्टिक के वैकल्पिक उपयोग और इसके नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई।
यह अभियान आने वाले दिनों में भी चरणबद्ध रूप से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने का कार्य करता रहेगा, जिससे प्लास्टिक मुक्त और हरित भविष्य की दिशा में सार्थक पहल सुनिश्चित हो सके।








