उदयपुर वन परिक्षेत्र में बढ़ा जंगली हाथियों का आतंक, 15 से अधिक किसान प्रभावित; ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे की मांग तेज

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सरगुजा/उदयपुर। विशेष रिपोर्ट।

 

 

 

उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों की लगातार आवाजाही से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार रात रामनगर गांव में एक लोनर हाथी ने ग्रामीण जबाहिर पंडो के घर पर हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हाथी के हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों के बीच भी दहशत फैल गई।

 

 रात में घर पर हमला, ग्रामीणों में मचा हड़कंप

 

हाथी ने रामनगर में जबाहिर पंडो के घर को निशाना बनाया। हमले में घर का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सरपंच संघ एवं गांव के सरपंच अध्यक्ष प्रदीप सिंह मरकाम सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी अब लगातार चिंता का कारण बनती जा रही है। रात होते ही ग्रामीणों को अपने घर और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगती है।

 सिर्फ घर नहीं, किसानों की मेहनत भी हो रही बर्बाद

 

हाथियों का उत्पात केवल मकानों तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में हाथियों ने किसानों की खड़ी फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 15 से अधिक किसानों की करीब 3 हेक्टेयर से ज्यादा धान की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है।

किसानों के लिए यह नुकसान बेहद गंभीर है, क्योंकि महीनों की मेहनत और खेती में लगाया गया पैसा हाथियों के एक झुंड की आवाजाही से पलभर में बर्बाद हो रहा है।

 

 पहले भी कई घरों को पहुंच चुका है नुकसान

 

ग्रामीणों के अनुसार, 28 अगस्त की रात बासन सर्किल क्षेत्र में साहदेव के घर को हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद शिवनगर गांव में भी हाथियों ने करीब आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचाया था।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि हाथियों का उत्पात अब खेतों से निकलकर सीधे रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच गया है।

 

 निगरानी बढ़ाने और तत्काल मुआवजे की मांग

 

लगातार नुकसान झेल रहे ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही प्रभावित किसानों और परिवारों को नुकसान का आकलन कर जल्द उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है।

 

 प्रमुख बिन्दु 

 

  लोनर हाथी ने रामनगर में घर को बनाया निशाना

  जबाहिर पंडो के मकान को पहुंचा भारी नुकसान

  15 से अधिक किसानों की फसल प्रभावित

  3 हेक्टेयर से ज्यादा धान की फसल बर्बाद

  लगातार हाथियों के गांवों में पहुंचने से दहशत

  प्रभावित परिवारों और किसानों ने मुआवजे की मांग की

  वन विभाग से निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की अपील

 

 सवाल यही है—ग्रामीणों के घर और किसानों की फसल कब तक हाथियों के आतंक की कीमत चुकाते रहेंगे?

 

 

 

 

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