आईपीएल 2025 का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया गया है। अब टूर्नामेंट के बचे हुए मुकाबले 17 मई से खेले जाएंगे और फाइनल मैच 3 जून को होगा। हालांकि, नए कार्यक्रम के साथ ही एक नई मुश्किल भी सामने आ गई है। इसी अवधि में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज और 11 जून से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025 का फाइनल भी खेला जाना है, जिससे कई विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंग्लैंड-वेस्टइंडीज सीरीज से इंग्लिश और कैरेबियाई खिलाड़ियों की भागीदारी संदिग्ध
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 29 मई से 3 जून तक वनडे सीरीज खेली जाएगी, जो आईपीएल के फाइनल तक के समय से टकरा रही है। इससे इंग्लैंड के जोस बटलर, जोफ्रा आर्चर, सैम करन, मोईन अली, फिल सॉल्ट और वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, निकलस पूरन जैसे दिग्गजों की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से कई फ्रेंचाइजियों की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
WTC फाइनल के कारण ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी भी खींच सकते हैं हाथ
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला 11 जून से लॉर्ड्स में खेला जाएगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले की तैयारी के लिए दोनों टीमों के प्रमुख खिलाड़ी पहले ही आईपीएल से ब्रेक ले सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (दिल्ली कैपिटल्स) और जोश हेजलवुड (आरसीबी) जैसे खिलाड़ी अगर समय से पहले टूर्नामेंट छोड़ते हैं, तो उनकी टीमें कमजोर हो सकती हैं।
फ्रेंचाइजियों के लिए रणनीति में बदलाव की चुनौती
इस स्थिति ने फ्रेंचाइजियों की प्लेइंग इलेवन और संतुलन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कई टीमें अब बैकअप खिलाड़ियों को तैयार रखने और रणनीति में बदलाव करने पर मजबूर हो सकती हैं।
आईपीएल 2025 के इस नए फेज में जहां रोमांच चरम पर होगा, वहीं टीमों को विदेशी खिलाड़ियों की संभावित अनुपस्थिति से बड़ी रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट इस मुश्किल दौर से कैसे निपटता है और कौन-सी टीम इस असंतुलन के बावजूद फाइनल तक का सफर तय कर पाती है।










