बेलगावी जिले के अमन नगर क्षेत्र में सोमवार रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। ठंड से बचने के लिए
बंद कमरे में अंगीठी जलाना चार युवकों के लिए घातक साबित हुआ। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के जहरीले धुएं से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से बीमार हालत में अस्पताल में भर्ती है।
घटना कैसे हुई:
सूत्रों के अनुसार, चारों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात लौटे और जिस कमरे में सोने गए, उसमें हवा का कोई उचित निकास नहीं था। ठंड से राहत पाने के लिए उन्होंने कमरे में चारकोल की अंगीठी जलाई और दरवाजा बंद कर सो गए।
रातभर जलती अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में भर गई, जिससे युवकों को साँस लेने में दिक्कत होने लगी और तीन की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना का खुलासा कैसे हुआ:
मंगलवार शाम को जब पड़ोसियों ने उन्हें कई बार फोन किया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें अनहोनी का आभास हुआ। बाद में दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां तीन युवक मृत अवस्था में मिले, जबकि एक बेहोशी की हालत में मिला।
मृतकों की पहचान:
रिहान मट्टे (22)
सरफराज हरप्पनहल्ली (22)
मोइन नालबंद (23)
गंभीर रूप से बीमार शानवाज को एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
जांच और कार्रवाई:
शवों को पोस्टमार्टम के लिए बीआईएमएस अस्पताल भेजा गया है। मालमारुति पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मौतें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता के कारण हुईं। कार्बन मोनोऑक्साइड एक खतरनाक गैस है, जो शरीर में ऑक्सीजन के परिवहन को बाधित कर देती है, जिससे व्यक्ति बेहोश होकर मृत्यु के करीब पहुंच जाता है।
पुलिस और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सर्दी के मौसम में बंद कमरों में अंगीठी, कोयला या किसी भी प्रकार के धुएं वाले उपकरण का उपयोग ना करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।










