कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। ग्राम पंचायत मल्दा में सचिव की मनमानी और अनियमितताओं से परेशान होकर उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। 17 जुलाई को जनपद पंचायत पोड़ी के सीईओ जयप्रकाश डड़सेना को लिखित शिकायत सौंपते हुए सचिव बबिता शर्मा को तत्काल हटाने, पंचायत में हुए कार्यों की निष्पक्ष जांच और गबन की गई राशि की वसूली की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो वे तहसील कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
9 वर्षों से एक ही पंचायत में तैनात, नियमों की उड़ाई धज्जियाँ
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सचिव बबिता शर्मा विगत 9 वर्षों से ग्राम पंचायत मल्दा में पदस्थ हैं, जो प्रशासनिक नियमों के विपरीत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं में लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार किया है। आरोप है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से वंचित कर अपात्रों को लाभ पहुँचाया गया, साथ ही विकास कार्यों की राशि में हेरफेर कर फर्जी बिल तैयार किए गए।
मनरेगा कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप
मनरेगा के तहत दो प्रमुख मिट्टी-मुरुम सड़क निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और अनियमितता सामने आई है:
- त्रिभुवन से लालभांठा रोड (लागत ₹19 लाख):
- ₹16 लाख व्यय दर्शाए गए
- पानी तराई नहीं हुई, फिर भी ₹50,000 का बिल
- रोलर नहीं चला, फिर भी ₹1.89 लाख का भुगतान
- नाममात्र मुरुम डालकर ₹4.31 लाख का बिल
- जयरतन से तोड़ीबहरा रोड (लागत ₹16 लाख):
- पानी तराई एवं रोलर न होने के बावजूद क्रमशः ₹50,000 और ₹1.89 लाख का भुगतान
- मुरुम बिछाने की खानापूर्ति कर ₹3.50 लाख का फर्जी बिल
- दोनों सड़कों की हालत आज भी कीचड़युक्त, ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कत
तीन वर्षों में लगभग 49 लाख खर्च, 30 लाख पर गबन का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच ग्राम पंचायत मल्दा में कुल ₹48.91 लाख की राशि विकास कार्यों पर खर्च की गई, जिनमें से ₹30.81 लाख पर गबन व अनियमितता के आरोप हैं। शिकायत के साथ प्रत्येक वर्ष के खर्च का विवरण भी संलग्न किया गया है।
ग्रामीणों की मांगें
- सचिव को तत्काल पंचायत से हटाकर निलंबित किया जाए
- सभी कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए
- गबन की गई राशि की वसूली कर पंचायत में जमा की जाए
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो
अंतिम चेतावनी: नहीं हुई कार्रवाई, तो होगा घेराव
उपसरपंच छतर सिंह, पंच दिलबाई, शांति कृष्णा यादव, दुर्गा तंवर, मीना कंवर, पितांबर सिंह, पूर्व पंच शिवकुमार मरकाम समेत कई ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि सात दिवस के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे तहसील कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।








