‘सिस्टम फॉर प्रिवेंटिंग थेफ्ट ऑफ व्हीकल्स’ तकनीक से बदलेगा वाहन सुरक्षा का भविष्य
नोएडा। गाड़ी चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। नोएडा के कंप्यूटर साइंस विशेषज्ञ डॉ. शिशुपाल सिंह ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जिससे चोरी हुई गाड़ियों को ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा। खास बात यह है कि यह डिवाइस पारंपरिक GPS सिस्टम से कहीं अधिक एडवांस है और इसमें इस्तेमाल की गई टेक्नोलॉजी चोरों की सभी तरकीबों को फेल कर सकती है।
तीन चिप्स और एक कंट्रोलर: डिवाइस की खास बनावट
इस डिवाइस को गाड़ी के अलग-अलग हिस्सों—जैसे इंजन, चेसिस और नंबर प्लेट में फिट किया जाता है। इसमें तीन वायरलेस चिप्स और एक कंट्रोलर होता है। ये चिप्स आपस में कोडिंग से जुड़े होते हैं, जिससे कोई भी छेड़छाड़ होने पर तुरंत अलर्ट जनरेट हो जाता है। यदि चोर GPS सिस्टम हटा भी देता है, तब भी अन्य चिप्स एक्टिव रहते हैं और लोकेशन ट्रैक की जा सकती है।
चोरी के प्रयास पर मिलेगा तुरंत मोबाइल अलर्ट
इस डिवाइस में स्मार्ट वायरलेस टेक्नोलॉजी और यूनिक कोडिंग का इस्तेमाल किया गया है। जैसे ही कोई चोर वाहन के किसी हिस्से को हटाने या उसे दूसरी गाड़ी में लगाने की कोशिश करता है, डिवाइस तुरंत गाड़ी के मालिक को मोबाइल पर अलर्ट भेज देता है। यह रियल-टाइम सेफ्टी फीचर इसे बेहद खास बनाता है।
सड़क हादसों में भी साबित होगा कारगर
डॉ. शिशुपाल सिंह के अनुसार यह डिवाइस न केवल चोरी की घटनाओं में, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी मददगार हो सकता है। दुर्घटना के बाद यदि गाड़ी लापता हो जाए, तो यह डिवाइस उसकी लोकेशन ट्रैक करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि इस इनोवेशन को बनाने में लगभग एक साल लगा और इसे भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है।
NCR में ये गाड़ियां बनती हैं सबसे ज्यादा चोरी का शिकार
डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म ‘Acko’ की रिपोर्ट के मुताबिक NCR क्षेत्र में Maruti Wagon R, Swift, Hyundai Creta, Santro और Honda City सबसे ज्यादा चोरी होने वाली कारें हैं। वहीं दोपहिया वाहनों में Hero Splendor, Honda Activa और Bajaj Pulsar सबसे ज्यादा चोरों के निशाने पर रहते हैं।
पुलिस जांच में भी होगा सहायक, मालिकों को मिलेगा सुकून
‘System for Preventing Theft of Vehicles’ नामक यह डिवाइस चोरी की घटनाओं को रोकने में मददगार तो है ही, साथ ही पुलिस को गाड़ी की लोकेशन ट्रेस करने में भी सहायता करेगा। यह इनोवेशन आने वाले समय में वाहन सुरक्षा के क्षेत्र में गेमचेंजर साबित हो सकता है।










