“छत्तीसगढ़ की बेटी ने रचा इतिहास – फामेश्वरी बनीं राज्य की पहली महिला अग्निवीर!”
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की 21 वर्षीय फामेश्वरी यादव ने भारतीय सेना में अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस (Women Military Police – WMP) के रूप में चयनित होकर इतिहास रच दिया है। वह राज्य की पहली महिला अग्निवीर बनी हैं, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnudev Sai) ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर फामेश्वरी को बधाई देते हुए कहा कि “यह केवल एक चयन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों की हिम्मत और देशभक्ति का प्रतीक है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह सफलता राज्य की अन्य बेटियों को भी सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
1 मई से होगा प्रशिक्षण प्रारंभ
फामेश्वरी यादव का चयन 24 मार्च 2025 को घोषित परिणाम में हुआ। अब वह 1 मई 2025 से बेंगलुरु स्थित सेना मिलिट्री पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (Military Police Training Centre, Bangalore) में अपना प्रशिक्षण शुरू करेंगी। यह उनके सैन्य करियर की पहली महत्वपूर्ण यात्रा होगी, जहां वह भारतीय सेना की अनुशासन और युद्धक क्षमता से जुड़े प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
सेना भर्ती कार्यालय ने किया सम्मानित
फामेश्वरी की इस उपलब्धि पर सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (Raipur) द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। फामेश्वरी की यह सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक युवतियों को भारतीय सेना में सेवा देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।”
फामेश्वरी की सफलता: हौसले और मेहनत की कहानी
फामेश्वरी यादव ने कठिन परिश्रम और आत्मबल के साथ यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने यह साबित किया कि “अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रखी जाए, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।”










