छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य में अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जिसमें देश में पहली बार लिथियम ब्लॉक की नीलामी भी शामिल है। इसके साथ ही, बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है।
खनिज राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन के चलते खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, वहीं जिला खनिज न्यास (DMF) के तहत 1,673 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जा रहा है।
देश में पहली बार लिथियम ब्लॉक की नीलामी
छत्तीसगढ़ ने देश की पहली लिथियम ब्लॉक नीलामी कर खनिज क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। कोरबा जिले के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76% प्रीमियम राशि पर आवंटित किया गया है। इसके अलावा, सुकमा और कोरबा जिलों में लिथियम अन्वेषण कार्य भी जारी है, जहां महत्वपूर्ण लिथियम भंडार मिलने की संभावना है।
बैलाडीला में नए लौह अयस्क ब्लॉक की नीलामी
बैलाडीला क्षेत्र, जो भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है, वहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी भी अंतिम चरण में है।
क्रिटिकल और सामरिक खनिजों पर सरकार का फोकस
राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत, छत्तीसगढ़ सरकार ने क्रिटिकल और सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण पर विशेष ध्यान दिया है। अब तक 10 क्रिटिकल और डीप सीटेड मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है, जिनमें लिथियम, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट शामिल हैं।
सेटेलाइट से अवैध खनन की निगरानी
खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम की मदद से अवैध खनन की निगरानी शुरू की है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए खनन कार्यों को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की होगी स्थापना
छत्तीसगढ़ सरकार गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास और अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना करने जा रही है। यह ट्रस्ट खनिज संसाधनों के अन्वेषण और विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाएं और भंडार
छत्तीसगढ़ में 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य जारी है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों के अनुसार—
✔️ चूना पत्थर: 283 मिलियन टन
✔️ लौह अयस्क: 67 मिलियन टन
✔️ बॉक्साइट: 3 लाख टन
छत्तीसगढ़ सरकार की इन पहलों से राज्य का खनिज क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि उद्योगों और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।









