नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छिड़ती ट्रेड वॉर की आंच अब सोने की चमक भी फीकी कर रही है। शुक्रवार को MCX पर जून 2025 गोल्ड फ्यूचर्स में ₹2,800 से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। चीन द्वारा अमेरिका के खिलाफ 34% रिटैलियेशन टैरिफ लागू करने की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई। बाजार की मौजूदा चाल से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह गिरावट और भी गहरा सकती है।
सोना 90,000 से लुढ़क कर 88,000 के करीब
शाम 7:34 बजे तक MCX पर सोने की कीमत ₹90,057 से गिरकर ₹88,099 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। यानी करीब 2.17% की गिरावट। वहीं, ग्लोबल स्पॉट गोल्ड भी 2.4% फिसलकर $3,041.11 प्रति औंस पर पहुंच गया।
गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
विश्लेषकों का मानना है कि बाज़ार पहले से ही ट्रेड वॉर की आशंका को कीमतों में शामिल कर चुका था। जैसे ही टैरिफ की आधिकारिक घोषणा हुई, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके साथ ही रूस-यूक्रेन और मिडल ईस्ट में तनाव में कमी ने “सुरक्षित निवेश” माने जाने वाले गोल्ड की मांग घटा दी है।
तकनीकी विश्लेषण क्या कहता है?
Comex गोल्ड को $3,120–$3,130 के बीच मजबूत रेज़िस्टेंस मिल रहा है। अगर कीमत $3,050 से नीचे जाती है, तो आगे $2,980 तक की गिरावट संभव है। इससे घरेलू बाजार में भी सोने के दाम पर दबाव बना रहेगा।
क्या भारत में भी और सस्ता होगा सोना?
ट्रंप द्वारा गोल्ड और सिल्वर को टैरिफ से बाहर रखने से सप्लाई साइड की चिंताएं कम हुईं, जिससे Comex में इन्वेंट्री बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना। फिलहाल घरेलू बाजार में ₹88,800 का स्तर अहम है। अगर ये स्तर टूटता है, तो सोना ₹87,000 तक फिसल सकता है। और ट्रेंड यूं ही बना रहा तो ₹84,000 प्रति 10 ग्राम तक भी कीमत आ सकती है।
फेड का रुख भी बढ़ा रहा दबाव
हाल ही में आई अमेरिका की मज़बूत जॉब रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। इससे डॉलर मज़बूत हुआ है, जो सोने के लिए और भी नेगेटिव फैक्टर बनता जा रहा है।










