पाली जनपद CEO की मनमानी: मुख्यालय छोड़ बिलासपुर से अपडाउन, दफ्तर गायब रहने से परेशान हो रहे ग्रामीण

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कोरबा/पाली:- जनपद पंचायत पाली में पदस्थ मुख्यकार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र सोनवानी का पिछले कई माह से मनमर्जी रवैया चल रहा है, जो मुख्यालय में नही रहते और बिलासपुर स्थित अपने निवास से आना- जाना करते है।

जिसके कारण वे समय पर कार्यालय नही पहुँचते और समय से पहले वापस लौटने की हड़बड़ी रहती है। ऐसे में जनपद कार्यालय में अधिकारी के समय पर नही मिलने से दूर- दराज से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है।

कलेक्टर ने अपने अधीनस्थ जिले के सभी अधिकारियों को पदस्थापना वाले स्थान पर रहने के निर्देश दिए है। लेकिन पाली जनपद सीईओ भूपेंद्र सोनवानी द्वारा उनके निर्देश की खुलेआम अवहेलना की जा रही है

और अपनी आदतों से बाज नही आने वाले ये अधिकारी मुख्यालय में न रुककर डेली बिलासपुर स्थित निवास से अपडाउन कर रहे है। जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहा है साथ ही अपनी फरियाद लेकर जनपद कार्यालय पहुँचने वाले फरियादियों को भी भटकना पड़ रहा है।

बता दें कि अनेकों पंचायतों से आए फरियादी व विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी ग्रामीण वर्ग अपनी समस्या निवारण के लिए रोजाना जनपद पंचायत कार्यालय पहुँचते है, जहां अधिकारी के समय पर उपस्थित नही होने से उन्हें घण्टों इंतजार करना पड़ता है।

इस दौरान कार्यालय में उपस्थित कर्मचारी भी सही जानकारी नही देते और उनका एक ही जवाब रहता है कि साहब दौरे पर है, फिर कभी आना। आम जनता जो अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचता है, अधिकारी के नही मिलने पर ज्यादातर ग्रामीणों के काम नही हो पाते और उन्हें बेरंग वापस लौटना पड़ता है। लिहाजा अधिकारी के अपनी सुविधा के कारण क्षेत्र से आए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है।

सोमवार को नही मिलते आफिस में, मंगलवार को टीएल में दिनभर समाप्त
शासन ने पूर्व में एक आवश्यक निर्देश सभी कार्यालय प्रमुखों को जारी किया था कि सप्ताह में सोमवार के दिन सभी अधिकारी, कर्मचारी अपने कार्यालय में आवश्यक रूप से उपस्थित रहेंगे ताकि आम जनता की समस्याओं की सुनवाई हो सके।

किन्तु सरकार के आदेश की परवाह भी पाली जनपद सीईओ जैसे अधिकारी को नही है और सोमवार को वे कार्यालय तो आते है लेकिन कुछ टाइम बाद निकल जाते है। पूछने पर बताया जाता है कि वे निर्माण कार्यों के निरीक्षण पर निकले है। इसी प्रकार मंगलवार को कलेक्टर द्वारा समय सीमा की बैठक प्रति सप्ताह बुलाई जाती है। जिसमे तहसील, नगर पालिका परिषद, जल संसाधन, खण्डशिक्षा अधिकारी सहित जनपद सीईओ व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित होते है।

वहीं मीटिंग समाप्त होने के बाद सीईओ जैसे अधिकारी हेडक्वार्टर आने के बजाय अपने मातहत को निर्देश देकर जिला से ही वापस घर लौट जाते है। जिससे मंगलवार का दिन जनपद कार्यालय के अधिकारी से संबंधित कोई भी काम नही हो पाता। जिला प्रशासन को ऐसे लापरवाह अधिकारी पर नकेल कसने की महती आवश्यकता है।

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