स्वराज जायसवाल ✍️
बिलासपुर। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष (1875–2026) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार 21 जनवरी 2026 को रीवा व्यूज, बिलासपुर में एक भव्य और गरिमामय राष्ट्रव्यापी समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में आईजी, कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का विशेष वातावरण देखने को मिला।

चार चरणों में आयोजित हो रहा है 150वां जयंती महोत्सव
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में यह राष्ट्रव्यापी आयोजन चार चरणों में संपन्न किया जा रहा है—
- चरण 1: 7 से 14 नवंबर 2025 (शुभारंभ)
- चरण 2: 19 से 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस के अवसर पर)
- चरण 3: 7 से 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस के साथ)
- चरण 4: 1 से 7 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह)
युवाओं को राष्ट्रगीत के इतिहास से जोड़ने का उद्देश्य
इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य सामूहिक गायन, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विचार गोष्ठियों के माध्यम से देश के युवाओं और छात्रों को ‘वंदे मातरम्’ के क्रांतिकारी, ऐतिहासिक और राष्ट्रभक्तिपूर्ण मूल्यों से जोड़ना है।

स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरक मंत्र रहा ‘वंदे मातरम्’
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह अमर गीत 7 नवंबर 1875 को पहली बार प्रकाशित हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने राष्ट्रभक्ति के मंत्र के रूप में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया और आज भी यह गीत राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बना हुआ है।

राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत रहा समारोह
रीवा व्यूज, बिलासपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल ‘वंदे मातरम्’ के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का स्मरण था, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध से जोड़ने की एक सशक्त पहल भी साबित हुआ।










