जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सेना की 9वीं राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दमहाल हंजीपोरा के वन क्षेत्र में आतंकियों के दो ठिकानों का पता लगाया। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किए गए तलाशी अभियान के दौरान जंगलों में बने इन ठिकानों से सुरक्षाबलों ने खाने-पीने का सामान, कपड़े और गैस सिलेंडर बरामद किए। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में आतंकियों की तलाश में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।
सेना के अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूरे प्रदेश में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है और हर नाके पर आने-जाने वालों की सख्त जांच की जा रही है। पिछले तीन महीनों में सुरक्षाबलों ने करीब 100 आतंकी ठिकाने तबाह किए हैं। कुलगाम के जंगलों में भी आतंकियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अहमदाबाद और नेंगरीपोरा वन क्षेत्रों के बीच आतंकी छिपकर ठिकाने बनाए हुए थे।
गौरतलब है कि 1990 के दशक से जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं। ये संगठन घाटी के कुलगाम, शोपियां, अनंतनाग समेत जम्मू के पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जैसे ऊपरी इलाकों में अपने ठिकाने बनाकर आतंकी गतिविधियां संचालित करते हैं।
पहलगाम हमले के बाद सेना, पुलिस और CRPF ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ शुरू कर आतंकियों के सफाए का अभियान तेज कर दिया है। हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाई की गई है —
10 अक्टूबर: कुपवाड़ा के बृजथोर जंगल में ऑपरेशन के दौरान आतंकी ठिकाना तबाह, 2 AK राइफल्स, 4 रॉकेट लॉन्चर और गोला-बारूद बरामद।
30 सितंबर: अनंतनाग के जंगल में आतंकी ठिकाने से पिस्टल और ग्रेनेड मिले।
26 सितंबर: शोपियां के यारवान जंगल में आतंकी ठिकाना ध्वस्त।
21 सितंबर: पुंछ के शाहपुर इलाके में LoC के पास आतंकी ठिकाना बरामद, 20 ग्रेनेड और AK-47 हथियार मिले।
23 अगस्त: श्रीनगर के दाचीगाम जंगल में ऑपरेशन महादेव के तहत ठिकाना तबाह।
13-14 अगस्त: कुपवाड़ा के गुलगाम जंगल में 30 फीट गहरी गुफा में आतंकी ठिकाना मिला।
11 अगस्त: किश्तवाड़ के डूल इलाके में पहाड़ी गुफा में विस्फोट में 10 आतंकी मारे गए, रॉकेट लॉन्चर और AK-47 बरामद।










