22 मासूमों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप कांड में लंबे समय से फरार चल रही सह-आरोपी ज्योति सोनी को आखिरकार एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति पर साक्ष्य छिपाने और अपराध में सहयोग करने के आरोप हैं। वह परासिया में अपना मेडिकल स्टोर चलाती थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को एसआईटी टीम ने परासिया में दबिश देकर ज्योति को पकड़ा। डीएसपी जितेंद्र जाट ने बताया कि फरारी के दौरान वह बैंगलूर और बनारस में छिपी रही थी और इसी बीच उसने जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की कोशिश भी की थी। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने की कोशिश में मिटाए गए साक्ष्य
ड्रग विभाग की जांच में खुलासा हुआ था कि ज्योति सोनी ने फार्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा संचालक राजेश सोनी के साथ मिलकर जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के स्टॉक में हेराफेरी की और जानकारी छिपाई। तीनों ने डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने के इरादे से साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था।
मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सौरभ और राजेश पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अब ज्योति की भी गिरफ्तारी हो गई है।
ज्योति की गिरफ्तारी को लेकर परासिया में तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कुछ लोग इसे स्वेच्छा से आत्मसमर्पण, तो कुछ इसे पुलिस की सटीक कार्रवाई बता रहे हैं। अब एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान ज्योति ने किससे संपर्क किया और साक्ष्यों को कैसे नष्ट किया गया।










